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Israel Hezbollah War: सीजफायर के बाद फिर भड़की जंग, ड्रोन हमला लेकिन टारगेट बचा

मिडिल ईस्ट में Israel Hezbollah war ने एक बार फिर तनाव को खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि सीजफायर के बावजूद जमीन पर शांति नजर नहीं आ रही। लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल है, खासकर सीमावर्ती इलाकों में जहां हर आवाज अब खतरे का संकेत लगने लगी है।

इस Israel Hezbollah war में ड्रोन हमलों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे लड़ाई का तरीका भी बदलता दिख रहा है। हालिया हमले के बाद यह साफ हो गया है कि दोनों पक्ष अब टेक्नोलॉजी के जरिए एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं, हालांकि हर बार हमला सफल नहीं हो पा रहा।

ड्रोन अटैक का घटनाक्रम (Israel Hezbollah War)

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। सीजफायर लागू होने के बावजूद दोनों तरफ से हमले जारी हैं। इसी बीच हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों के काफिले को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की।

सैनिकों और वाहनों को बनाया निशाना (Israel Hezbollah War)

हिजबुल्लाह का दावा है कि इस हमले में इजरायली सैनिकों और उनके वाहनों को टारगेट किया गया। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब सैनिक मेडिकल इवैक्यूएशन यानी घायल साथियों को निकालने की प्रक्रिया में लगे हुए थे।

FPV यानी फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन का इस्तेमाल (Israel Hezbollah War) किया गया, जिसमें कैमरे के जरिए सीधे लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

हमला कैसे हुआ

वीडियो फुटेज में दिखता है कि इजरायली सैनिक अपने घायल साथियों को हेलीकॉप्टर के जरिए बाहर निकाल रहे थे। उसी दौरान तेजी से एक ड्रोन उनकी ओर बढ़ता नजर आता है।

स्थिति को समझते ही सैनिकों ने तुरंत फायरिंग शुरू (Israel Hezbollah War) कर दी। एक ड्रोन को बीच में ही गिरा दिया गया, जबकि दूसरा ड्रोन हेलीकॉप्टर और सैनिकों के बेहद करीब से निकलते हुए पास की जमीन पर जाकर विस्फोट कर गया।

लक्ष्य चूक गया

हिजबुल्लाह ने इस पूरे हमले का वीडियो जारी कर इसे अपनी कामयाबी बताया है। हालांकि इजरायली पक्ष के अनुसार यह हमला अपने असली लक्ष्य को हिट नहीं कर पाया।

इस घटना में किसी सैनिक की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे साफ है कि हमला पूरी तरह सफल नहीं रहा।

नया हथियार बना ड्रोन

अब इस जंग में ड्रोन एक अहम हथियार बनता (Israel Hezbollah War) जा रहा है। रॉकेट के बाद FPV ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जो छोटे, तेज और कम खर्च वाले होते हैं।

यूक्रेन और रूस के युद्ध की तरह ही यहां भी इन ड्रोन का इस्तेमाल टैंक, गाड़ियों और सैनिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

लगातार जारी हमले

इजरायल डिफेंस फोर्सेज अपनी कार्रवाई दक्षिणी लेबनान में जारी रखे हुए हैं। दोनों तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार किए (Israel Hezbollah War) जा रहे हैं। ऐसे हमलों में कई बार ड्रोन अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं या रास्ते में ही मार गिराए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।

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