ISI Handler : धार्मिक स्थलों की टोह लेने वाला कौन था, राजधानी में कैसे खुली बड़ी साजिश की परत

राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की हलचल उस समय तेज हो गई जब कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की खबर फैलने लगी। लोगों के बीच चर्चा (ISI Handler) शुरू हो गई कि आखिर किन लोगों की तलाश की जा रही है और आखिर ऐसा क्या मिला कि जांच टीम लगातार अलग अलग जगहों पर पहुंच रही है। माहौल में उत्सुकता भी थी और सुरक्षा को लेकर चिंता भी साफ दिखाई दे रही थी।

कुछ ही देर में सामने आया कि पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसकी गतिविधियां लंबे समय से निगरानी में थीं। शुरुआती जानकारी के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। जांच आगे बढ़ी तो कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया।

अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा ISI Handler

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए आईएसआई प्रायोजित अंतरराज्यीय आतंकी और हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन आरोपी पंजाब से जबकि एक आरोपी दिल्ली से पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी के निर्देश पर राजधानी में आतंकी वारदात की तैयारी की जा रही थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल बरामद की हैं जिनमें एक जिगाना और दूसरी 30 बोर की है। इसके अलावा नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

विदेशी नंबरों से होता था संपर्क

जांच में पता चला कि आरोपी विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क बनाए रखते थे ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार और नशीले पदार्थ मंगाने की व्यवस्था की जाती थी।

मुख्य आरोपी शुभदीप सिंह पहले भी मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में पंजाब पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो चुका है। उसके पुराने रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं।

हथियार और नशे की खेप से जुड़े मिले आरोपी

पुलिस के अनुसार गुरजंत सिंह और साजन सिंह भी ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशे की खेप मंगाने के नेटवर्क (ISI Handler) का हिस्सा रहे हैं। साजन सिंह के खिलाफ भी पहले एनडीपीएस से जुड़ा मामला दर्ज हो चुका है। वहीं चौथे आरोपी गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

धार्मिक स्थलों और पुलिस ठिकानों की कर रहा था टोह

जांच में खुलासा हुआ कि गगनप्रीत को राजधानी के धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और पुलिस पिकेट की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था। उसे पुलिस प्रतिष्ठानों पर फायरिंग जैसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी से जुड़ा काम भी दिया गया था। इसी इनपुट के आधार पर एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और कार्रवाई को अंजाम दिया।

कई राज्यों में कार्रवाई के बाद टूटा पूरा नेटवर्क

तकनीकी निगरानी और कई राज्यों में लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज (ISI Handler) किया गया है। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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