बलौदाबाजार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को परिवादी को दुर्घटना बीमा क्षतिपूर्ति (INSURANCE COMPENSATION) के रूप में 16 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी, बैंक और संबंधित पक्षों को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 50 हजार रुपये मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति तथा 10 हजार रुपये वाद-व्यय के रूप में भी देने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार निवासी मेसर्स रमन साइकिल के प्रोपराइटर दिलीप भट्टर ने अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए न्यू इंडिया भारत सुरक्षा उद्यम सुरक्षा पॉलिसी ली थी। इसके लिए प्रीमियम राशि चेक के माध्यम से जमा की गई थी। बीमा अवधि के दौरान 18 नवंबर 2021 को उनके प्रतिष्ठान में आग लगने की घटना हुई, जिससे भारी नुकसान हुआ। इसके बाद उन्होंने बीमा दावा (INSURANCE COMPENSATION) प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने प्रीमियम प्राप्त नहीं होने का हवाला देकर पॉलिसी निरस्त होने की जानकारी दी और दावा अस्वीकार कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष रंजना दत्ता तथा सदस्य हरजीत सिंह धांवला और शारदा सोनी ने दस्तावेजों एवं नियमों का परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि आगजनी की घटना और दावा प्रस्तुत किए जाने की तिथि तक बीमा पॉलिसी प्रभावशील और वैध थी। आयोग ने यह भी माना कि चेक अनादरित होने की सूचना संबंधित पक्षों को समय पर नहीं दी गई। इतना ही नहीं, परिवादी द्वारा कारण पूछे जाने पर बैंक की ओर से भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि जब घटना के समय बीमा पॉलिसी प्रभावी थी, तब क्षतिपूर्ति राशि (INSURANCE COMPENSATION) नहीं देना गंभीर व्यावसायिक कदाचार और सेवा में लापरवाही को दर्शाता है। इसी आधार पर न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 16 लाख रुपये की बीमा राशि 45 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक को मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रुपये तथा वाद-व्यय के लिए 10 हजार रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
