Insurance Budget 2026 : बजट में बीमा सस्ता बनाने का एलान, ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष इंश्योरेंस

Insurance Budget 2026

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वर्ष 2047 तक सभी देशवासियों को बीमा के दायरे में लाने का प्रयास आगामी बजट में स्पष्ट दिखाई दे सकता है। फरवरी में पेश होने वाले बजट में विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए नया (Insurance Budget 2026) उत्पाद पेश किया जा सकता है। यह उत्पाद प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुल चुके 55 करोड़ से अधिक बैंक खातों से जोड़ा जाएगा,

जिनमें 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इस कदम से अधिकांश महिलाएं बीमा के दायरे में सीधे आ जाएंगी। सरकार जन सुरक्षा स्कीम को भी इन खातों से जोड़कर महिलाओं को (Insurance Budget 2026) लाभान्वित करने की योजना बना सकती है।

बजट में सरकार बीमा को सस्ता बनाने के उपायों पर भी विचार कर सकती है। हाल ही में आरबीआइ ने बीमा प्रीमियम की उच्च लागत पर चिंता जताई थी और कहा कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद ग्राहकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। खरीदारी आज भी महंगी है। पिछले सितंबर में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर लगने वाला जीएसटी हटा दिया गया था।

इसके बावजूद एजेंटों का अधिक कमीशन बीमा की लागत बढ़ा रहा है। सूत्रों के अनुसार आगामी बजट में एजेंट कमीशन कम करने के उपाय किए जा सकते हैं। साथ ही, बीमा सेक्टर में हो रही धोखाधड़ी और (Insurance Budget 2026) मिस-सेलिंग पर रोक लगाने के लिए भी मजबूत तंत्र बनाने या नियामक प्राधिकरण को निर्देश देने की संभावना है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों में बीमा की मांग तेजी से बढ़ रही है। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को छोटे और उपयोग आधारित उत्पाद लाने के लिए कहा जा रहा है। पालिसी बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में मेटरनिटी कवर खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या में वर्ष 2024 की तुलना में 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई।

वहीं, टियर-2 और टियर-3 शहरों में हेल्थ इंश्योरेंस की मांग में 55 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। ग्राहक अब अपनी आवश्यकता के अनुसार छोटे-छोटे और उपयोग आधारित (Insurance Budget 2026) उत्पाद खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं।

सरकार की यह पहल न केवल बीमा को सस्ता और अधिक सुलभ बनाएगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बजट में इन उपायों के लागू होने के बाद (Insurance Budget 2026) देश में बीमा कवरेज में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है।