
राज्य शासन ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 2025 बैच के तीन नवागत IAS (Indian Administrative Service) अधिकारियों की प्रथम नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी से प्रशिक्षण का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लौटे इन अधिकारियों को सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, गोकुल आरके को रायगढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, इशांत जायसवाल को ऊर्जा और उद्योग के केंद्र कोरबा जिले में पदस्थ किया गया है, जबकि वाध्यावथ यशवंत नायक को बस्तर जिले में प्रशासनिक कार्यों के लिए तैनात किया गया है। नव नियुक्त अधिकारी अब जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी करेंगे और स्थानीय प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।
मुख्य अधिकारीयों का मानना है कि इस नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और जिलों में शासन की नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की यह पहली तैनाती उन्हें क्षेत्रीय समस्याओं, जनसंपर्क और विकास परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने का अवसर भी प्रदान करेगी।
पांच IFS अफसरों के बदले प्रभार (Indian Forest Service)
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक कसावट और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय वन सेवा (IFS – Indian Forest Service) के पांच वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नए प्रभार आदेश जारी किए हैं।
शुक्रवार को जारी सूची के अनुसार
अभिषेक कुमार सिंह (2009 बैच) को अचानकमार टाइगर रिजर्व से हटाकर क्षेत्रीय महाप्रबंधक, वन विकास निगम, बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है।विवेकानंद झा (2009 बैच) को वन संरक्षक वित्तीय प्रबंध एवं सूचना प्रणाली मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सतोविशा समाजदार (2010 बैच) को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार), रायपुर के पद पर तैनात किया गया है।
गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का नया प्रभार दिया गया है। प्रियंका पाण्डेय को अचानकमार टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक के महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।
शासन ने इन नियुक्तियों को आगामी आदेश तक प्रभावी करार दिया है। अधिकारियों के प्रभार बदलने का उद्देश्य न केवल कार्यकुशलता में सुधार लाना है, बल्कि वन और जैव विविधता संरक्षण परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना भी है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नए प्रभार के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है और उन्हें क्षेत्रीय वन नीति, संरक्षण, रिसर्च एवं विकास गतिविधियों की निगरानी करनी होगी। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के हित में योजनाओं को भी सटीक रूप से लागू किया जा सकेगा।
राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया कि IAS और IFS अधिकारियों की ये नियुक्तियां शासन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की गई हैं, ताकि छत्तीसगढ़ में सरकारी और वन संरक्षण गतिविधियों की कार्यकुशलता बढ़े और जनकल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।



