बिजनेस

India GDP Growth : 2025-26 में 6.5% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय इकोनमी

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा है कि वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% की दर से बढ़ेगी (India GDP Growth)। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर बढ़कर 6.7% होने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि सरकार की ओर से आयकर छूट, जीएसटी दरों में कटौती और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी जैसे कदम उपभोग आधारित वृद्धि को मजबूत करेंगे।

https://www.youtube.com/watch?v=8N5SwlX4gQ8

एसएंडपी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का वास्तविक जीडीपी पांच तिमाहियों में सबसे अधिक 7.8% की दर से बढ़ने का अनुमान है (India GDP Growth)। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) का जीडीपी डेटा 28 नवंबर को जारी होगा। एजेंसी ने कहा कि घरेलू मांग मजबूत है और अमेरिकी शुल्क बढ़ने के बावजूद भारत में खपत तेज रफ्तार से बनी हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए वृद्धि दर के जोखिम संतुलित हैं। आरबीआई भी चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी वृद्धि को 6.8% रहने का अनुमान जता चुका है, जो पिछले वर्ष 6.5% की तुलना में बेहतर है ।

जीएसटी दरों में कमी से मध्यम वर्ग को राहत

एसएंडपी ने कहा कि हाल ही में जीएसटी दरों में की गई कटौती से मध्यम वर्ग को राहत मिली है और इससे उपभोग बढ़ने की संभावना है। आयकर छूट बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर देना और ब्याज दरों में 0.5% की कटौती उपभोग आधारित विकास को और बढ़ावा देंगे। 22 सितंबर से 375 वस्तुओं पर जीएसटी कम होने से आवश्यक उपभोग की चीजें सस्ती हुई हैं।

https://youtu.be/tUzm8Sd72wo

अमेरिकी शुल्क का असर, लेकिन उम्मीद भी

एजेंसी का कहना है कि अमेरिकी शुल्क बढ़ने से भारत के निर्यात आधारित मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर पर असर पड़ रहा है। हालांकि संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर शुल्क कम कर सकता है। एसएंडपी ने कहा कि व्यापार नीति पर अमेरिकी दृष्टिकोण के कारण कंपनियां छूट और राहत प्राप्त करने में समय एवं धन खर्च कर रही हैं, जिससे उनकी उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।

Related Articles

Back to top button