देश

India GDP 2025-26 : टैरिफ टेंशन के बीच 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% बढ़ने का अनुमान

आम बजट पेश होने से महज तीन हफ्ते पहले भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अर्थव्यवस्था (India GDP 2025-26) की तस्वीर पेश की है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत बढ़ेगी। इससे पहले भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष की GDP वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान पेश किया था।

https://youtu.be/F9poNQALsdo

सरकारी आंकड़े और पहली-दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को देखें तो यह अनुमान (India GDP 2025-26) कोई चौंकाने वाला नहीं है। भविष्य में आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में और बढ़ोतरी संभव है, क्योंकि जल्द ही GDP के लिए आधार वर्ष 2011-12 की जगह 2022-23 लागू किया जाएगा,

जिससे वृद्धि दर के आंकड़ों में बढ़ोतरी संभावित है। IMF, World Bank और RBI समेत कई निजी एजेंसियां पहले ही चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की संभावित वृद्धि दर को संशोधित कर चुकी हैं।

https://youtu.be/5wzhZtXTIoo

मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का शानदार प्रदर्शन

आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं : 9.9% वृद्धि, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण सेवाएं: 7.5% वृद्धि, निर्माण और विनिर्माण क्षेत्र (द्वितीयक क्षेत्र): 7.0% वृद्धि और पिछले वर्ष विनिर्माण क्षेत्र में 4.2% की वृद्धि हुई थी। यह दर्शाता है कि मैन्यूफैक्चरिंग और निर्माण ने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। साथ ही, यह उत्पादन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ा रहा है।

कृषि और अन्य क्षेत्रों की स्थिति

कृषि और संबद्ध क्षेत्र: 3.1% वृद्धि

बिजली, गैस, जल आपूर्ति जैसे उपयोगी सेवाएं: 2.1% वृद्धि

कृषि क्षेत्र में वृद्धि की धीमी दर सरकार के लिए चिंता का कारण है, खासकर 2026 में कमजोर मानसून की संभावनाओं को देखते हुए।

नोमिनल GDP, यानी मुद्रास्फीति समायोजन के बाद, वित्त वर्ष 2025-26 में 8.0 प्रतिशत बढ़कर 357.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE): 7.0%

सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF): 7.8%

इन आंकड़ों से निवेश और उपभोग दोनों में सकारात्मक संकेत मिलते हैं।

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विकास

चालू वित्त वर्ष (India GDP 2025-26) के दौरान वैश्विक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जैसे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियां, लेकिन इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय चालू वित्त वर्ष में 6.5% की वृद्धि के साथ 1,42,119 रुपये तक पहुँच सकती है, जबकि पिछले वित्त वर्ष यह 1,33,501 रुपये थी। पिछले वर्ष 5.4% वृद्धि दर्ज की गई थी।

Related Articles

Back to top button