India Canada Summit New Delhi : नई दिल्ली में मोदी – कार्नी शिखर वार्ता 2 मार्च को, भारत – कनाडा संबंधों में नई शुरुआत के संकेत
India Canada Summit New Delhi
भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ वर्षों से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बाद अब रिश्तों में सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठने (India Canada Summit New Delhi) जा रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत दौरे पर रहेंगे और इस दौरान 2 मार्च को नई दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम शिखर वार्ता होगी। इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत रवाना होने से पहले कनाडा सरकार की ओर से दिए गए संकेतों को रिश्तों में नरमी का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। कनाडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि कनाडा में हो रही आपराधिक घटनाओं और हिंसा से भारत को जोड़कर नहीं देखा (India Canada Summit New Delhi) जाना चाहिए। यह बयान पूर्व सरकार के रुख से अलग माना जा रहा है और इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी के बीच होने वाली वार्ता का एजेंडा व्यापक होगा। इसमें परमाणु ऊर्जा, दुर्लभ खनिज, ऊर्जा सहयोग और व्यापार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देश व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। कनाडा अपने निर्यात को अमेरिका से आगे बढ़ाकर नए बाजारों तक पहुंचाना (India Canada Summit New Delhi) चाहता है, जबकि भारत अपनी तेज आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के स्थिर स्रोत सुनिश्चित करना चाहता है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 7.8 अरब डॉलर रहा था, जिसे आने वाले वर्षों में और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति से जुड़े दीर्घकालिक समझौते पर भी प्रगति संभव है। यह समझौता भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है, जबकि कनाडा के लिए यह ऊर्जा निर्यात के क्षेत्र में स्थिर साझेदारी सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी के बीच होने वाली यह शिखर वार्ता केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर मानी जा रही है। आने वाले समय में इस वार्ता के परिणाम भारत-कनाडा संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
