छत्तीसगढ़

Illegal Plotting Ban CG : अब मनमानी प्लॉटिंग पर लगेगा ब्रेक, छत्तीसगढ़ में नया कानून पास, शहरों के विकास का बदलेगा पूरा मॉडल

छत्तीसगढ़ में तेजी से फैलते शहरों और अनियंत्रित कॉलोनियों के बीच अब सरकार ने बड़ा दांव (Illegal Plotting Ban CG) खेला है। विधानसभा में पारित नए संशोधन के साथ अवैध प्लॉटिंग पर शिकंजा कसने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है, जिससे आने वाले समय में शहरों का विकास ज्यादा प्लानिंग के साथ होता नजर आ सकता है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किया गया छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया है। इस फैसले का सीधा मकसद शहरी विस्तार को नियंत्रण में रखते हुए व्यवस्थित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।

क्या बदलेगा इस नए संशोधन से? (Illegal Plotting Ban CG)

अब तक नगर विकास की जिम्मेदारी सीमित एजेंसियों तक ही केंद्रित थी, लेकिन इस संशोधन के बाद दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत केवल विकास प्राधिकरण ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार के अन्य अभिकरण, स्थानीय निकाय और सरकारी कंपनियां भी नगर विकास योजनाओं को तैयार और लागू कर सकेंगी।

इस बदलाव से जहां योजनाओं की संख्या (Illegal Plotting Ban CG) बढ़ेगी, वहीं शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग सेक्टर को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

अवैध प्लॉटिंग पर कैसे लगेगा असर?

प्रदेश में लंबे समय से बिना अनुमति कॉलोनियों और प्लॉटिंग की समस्या सामने आती रही है, जिससे न केवल शहरों की प्लानिंग बिगड़ती है बल्कि नागरिकों को भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

सरकार का मानना है कि इस संशोधन के लागू होने के बाद अनियंत्रित प्लॉटिंग पर काफी हद तक रोक लग सकेगी और जमीन का उपयोग तय मानकों के अनुसार किया जाएगा।

दूसरे राज्यों से लिया गया मॉडल

चर्चा के दौरान यह भी सामने (Illegal Plotting Ban CG) आया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मल्टी-एजेंसी मॉडल के जरिए बेहतर शहरी विकास किया गया है। बड़े शहरों में रिंग रोड और अन्य परियोजनाएं इसी प्लानिंग का हिस्सा रही हैं, जिससे प्रेरणा लेते हुए अब छत्तीसगढ़ में भी उसी दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

CM का क्या है विजन?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस फैसले को राज्य के लिए अहम बताते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में यह कदम जरूरी (Illegal Plotting Ban CG) था। उनका मानना है कि इससे शहरों में बेहतर आधारभूत ढांचा, व्यवस्थित आवास और उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान होगा। सरकार का फोकस अब ऐसे शहर बनाने पर है जो आने वाले समय की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक और संतुलित हों।

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