Human Elephant Conflict : हाथियों पर पत्थर फेंकने का वीडियो वायरल, टला बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ में बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) को रोकने के लिए वन विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है। इसी बीच मरवाही वनमंडल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। वीडियो में कुछ ग्रामीण हाथियों पर पत्थर फेंकते दिखाई दिए, जिसके बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और दो नाबालिगों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी।

हाथी-मानव संघर्ष की बढ़ती चुनौती

वन विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों के क्षरण, प्राकृतिक गलियारों में बाधा और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) की घटनाएं बढ़ रही हैं। भोजन और पानी की तलाश में हाथी गांवों और खेतों की ओर रुख करते हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचता है और कई बार जनहानि की घटनाएं भी सामने आती हैं। यही कारण है कि वन विभाग लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रहा है।

वायरल वीडियो का लिया गया संज्ञान

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार मरवाही वनमंडल में हाथियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक महीने से चार हाथियों का दल विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग हाथियों को पत्थर मारते नजर आए। विभाग ने आशंका जताई कि ऐसी हरकतों से हाथी आक्रामक होकर हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) को बढ़ा सकते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना की संभावना बन सकती है।

जांच में सचराटोला क्षेत्र का निकला मामला

वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू की और पाया कि वायरल वीडियो मरवाही परिक्षेत्र के सचराटोला क्षेत्र का है। वीडियो में दिखाई देने वाले दो नाबालिगों की पहचान कर उनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

वन्यजीवों को उकसाना पड़ सकता है भारी

वन अधिकारियों ने कहा कि हाथियों या अन्य वन्यजीवों को पत्थर मारना, शोर मचाकर भगाना या उकसाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे जानवर आक्रामक होकर हमला कर सकते हैं और हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग ने ग्रामीणों से वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन अमले को देने की अपील की है।

जागरूकता और निगरानी पर जोर

वन विभाग का कहना है कि हाथी-मानव संघर्ष (Human Elephant Conflict) की घटनाओं को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनसहयोग भी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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