झारखण्डराजनीति

Hemant Soren Assam Election : असम में आदिवासी वोट बैंक पर नजर, हेमंत सोरेन ने अपनाया नीतीश कुमार वाला फॉर्मूला

असम विधानसभा चुनाव में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब नई रणनीति के साथ मैदान (Hemant Soren Assam Election) में उतर गए हैं। उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) राज्य के आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए कई लोकलुभावन वादों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

आदिवासी वोटर्स पर खास फोकस (Hemant Soren Assam Election)

असम की कुल आबादी में करीब 25 प्रतिशत आदिवासी समुदाय है, जिसे ध्यान में रखते हुए हेमंत सोरेन ने अपनी रणनीति तैयार की है। वे झारखंड में लागू योजनाओं को मॉडल बनाकर असम में भी लागू करने का वादा कर रहे हैं।

‘वेलफेयर मॉडल’ से चुनावी दांव

हेमंत सोरेन की रणनीति काफी हद तक नीतीश कुमार के उस मॉडल से मिलती-जुलती है, जिसमें लाभकारी योजनाओं के जरिए जनता का विश्वास (Hemant Soren Assam Election) जीता गया था। उसी तर्ज पर JMM असम में सामाजिक-आर्थिक योजनाओं की झड़ी लगा रही है।

महिलाओं के लिए ‘मैया सम्मान योजना’

पार्टी ने वादा किया है कि अगर सत्ता में आती है तो आदिवासी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना को महिला वोटर्स को साधने का बड़ा हथियार माना जा रहा है।

युवाओं को रोजगार का भरोसा

JMM ने युवाओं के लिए स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार पर जोर दिया है। योजना के तहत सस्ती दरों पर लोन और 2 लाख रुपये तक की सहायता देने का वादा किया गया है, ताकि पलायन को रोका जा सके।

आवास और शिक्षा पर फोकस

‘बिरसा आवास योजना’ के जरिए बेघरों को घर देने और अधूरे मकानों को पूरा करने के लिए 50 हजार रुपये की मदद का वादा (Hemant Soren Assam Election) किया गया है। वहीं छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, छात्रावास और फीस रिफंड जैसी योजनाओं की भी घोषणा की गई है।

क्या बदलेगा चुनावी समीकरण?

हेमंत सोरेन की यह रणनीति असम में JMM के विस्तार की बड़ी कोशिश मानी जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ‘वेलफेयर मॉडल’ असम के चुनावी समीकरण को प्रभावित कर पाता है या नहीं।

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