Heart Strengthening Yoga : हार्ट को मजबूत बनाने के लिए योग – रोज करें ये 5 आसन, दिल की सेहत रहेगी बेहतर

Heart Strengthening Yoga

पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है तो योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद (Heart Strengthening Yoga) माना जाता है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक सक्रियता बढ़ती है, तनाव घटता है और सांसों का तालमेल सुधरता है – ये तीनों ही दिल की सेहत के लिए अहम हैं।

हालिया शोधों में यह संकेत मिला है कि जो लोग रोज़ाना कम से कम 30 मिनट योग या हल्की शारीरिक गतिविधि करते हैं, उनमें हृदय संबंधी जोखिम तुलनात्मक रूप से कम देखे जाते हैं। योग से श्वसन बेहतर होता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को संतुलन में रखने में मदद मिल सकती है।

दिल के लिए लाभकारी 5 योगासन

1) ताड़ासन (पर्वत मुद्रा)

ताड़ासन से शरीर की मुद्रा सुधरती है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और रक्त संचार में सहायता मिलती है।

कैसे करें: पैरों को मिलाकर खड़े हों, जांघें सक्रिय रखें, रीढ़ सीधी करें, कंधे पीछे लें। ठुड्डी फर्श के समानांतर रखते हुए 5–8 गहरी सांसें लें।

2) अधो मुख श्वानासन

यह आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है और सर्कुलेशन को सक्रिय करता है।

कैसे करें: हाथों-घुटनों के बल आएं, कूल्हों को ऊपर-पीछे उठाएं, हथेलियां ज़मीन (Heart Strengthening Yoga) पर दबाएं। 30–60 सेकंड तक सांसों के साथ रुकें।

3) उत्थित त्रिकोणासन

छाती खुलती है, ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और पैरों को मजबूती मिलती है।

कैसे करें: पैरों को चौड़ा रखें, दायां पैर 90° मोड़ें, दायां हाथ पिंडली/ब्लॉक तक लें, ऊपर देखें। 5–8 सांसें लें, फिर दूसरी ओर दोहराएं।

4) सेतु बंध सर्वांगासन

हल्का बैक-बेंड हृदय क्षेत्र को सक्रिय करता है और रक्त प्रवाह में सहायता करता है।

कैसे करें: पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें, कूल्हे उठाएं, चाहें तो ब्लॉक का सहारा लें। 1–2 मिनट शांत सांसों के साथ रहें।

5) विपरीत करणी

यह रेस्टोरेटिव आसन तनाव कम करने और सर्कुलेशन को संतुलित करने में सहायक है।

कैसे करें: दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाकर लेटें, बाहें ढीली रखें। 3–5 मिनट विश्राम करें।

ध्यान रखने योग्य बातें

योग खाली पेट या हल्के पेट करें।

हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की समस्या या सर्जरी के बाद योग शुरू करने से पहले डॉक्टर/योग विशेषज्ञ (Heart Strengthening Yoga) से सलाह लें।

सांसों पर ध्यान रखें; किसी भी आसन में दर्द हो तो रुकें।

रोज़ 20–30 मिनट योग, संतुलित आहार और तनाव-प्रबंधन – ये मिलकर दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं। नियमितता ही असली कुंजी है।