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Ukraine War Attack : ट्रंप-जेलेंस्की वार्ता से पहले, रूस ने किया ड्रोन और मिसाइल हमला

यूक्रेन में युद्ध (Ukraine War Attack) को समाप्त करने के प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की रविवार को होने वाली वार्ता से पहले रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर बड़ा हमला किया। इस हमले में करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

राजधानी कीव में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और 19 अन्य घायल हुए। हमले के कारण कीव के बड़े हिस्से में बिजली गुल हो गई और जलापूर्ति प्रभावित हुई। यह हमला इस ठंडे मौसम में आया, जब लाखों लोग बिजली और पानी के संकट से जूझ रहे थे ।

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रूस के इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस निर्दोष नागरिकों पर क्रिसमस और नववर्ष के दौरान भी हमले करता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बीच, यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड ने सीमा के पास अपने दो हवाई अड्डे बंद कर दिए और अपनी वायुसेना को सतर्क कर दिया।

जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ वार्ता में मुख्य रूप से डोनबास क्षेत्र (लुहांस्क और डोनेस्क प्रांत) की भूमि और सुरक्षा गारंटी पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को 15 वर्षों के लिए सुरक्षा गारंटी देने पर हां कर दी है, जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने शांति प्रस्ताव के सभी बिंदुओं को स्वीकार कर लिया है और वार्ता से पहले यूरोप के नेताओं से टेलीफोन वार्ता करेंगे।

रूस ने इस हमले (Ukraine War Attack) के बाद कहा कि यूक्रेन का ताजा शांति प्रस्ताव अमेरिकी प्रस्ताव से अलग है, लेकिन इसके बावजूद वह यूक्रेन में शांति स्थापित होने के प्रति आशान्वित है। विश्लेषकों के अनुसार, रूस का यह हमला वार्ता से पहले दबाव बनाने के लिए किया गया कदम हो सकता है। हमले के कारण कीव में आपातकाल घोषित किया गया और शहर के कई हिस्सों में सुरक्षा बल तैनात किए गए।

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इस हमले (Ukraine War Attack) के चलते यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति गंभीर हो गई है। शहरों में बिजली और जलापूर्ति प्रभावित होने से लोग ठंड और संकट का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से घरों में सुरक्षित रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध (Ukraine War) का समापन आसान नहीं है और शांति स्थापित करने के प्रयासों में कई जटिलताएं मौजूद हैं। ट्रंप-जेलेंस्की वार्ता को अब और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए रूस के हमलों को रोकने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

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