स्वास्थ्य

H Pylori Infection Symptoms : पेट में गैस-एसिडिटी का बड़ा कारण हो सकता है H. pylori बैक्टीरिया, जानें लक्षण, खतरे और जांच का सही तरीका

पेट में गैस, एसिडिटी, जलन या बार-बार पेट फूलने की समस्या को लोग अक्सर साधारण समझकर नजरअंदाज (H Pylori Infection Symptoms) कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में इसके पीछे एक खास बैक्टीरिया जिम्मेदार हो सकता है – Helicobacter pylori, जिसे आमतौर पर H. pylori कहा जाता है। यह बैक्टीरिया पेट की अंदरूनी परत में रहता है और लंबे समय तक बने रहने पर गैस्ट्राइटिस, अल्सर और दुर्लभ मामलों में पेट के कैंसर का कारण भी बन सकता है।

https://youtu.be/QfFeGsF_IWk

दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग इस बैक्टीरिया से संक्रमित हैं, लेकिन हर व्यक्ति में लक्षण दिखाई दें, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार हल्की गैस या अपच जैसे लक्षण होते हैं, जिन्हें लोग सामान्य समझकर टाल देते हैं।

H. pylori संक्रमण के प्रमुख लक्षण

क्रॉनिक गैस्ट्राइटिस या ड्यूओडेनाइटिस से पीड़ित कई लोगों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। लेकिन जब संक्रमण बढ़ता है या अल्सर बन जाता (H Pylori Infection Symptoms) है, तब ये संकेत दिखाई दे सकते हैं –

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या जलन

बार-बार गैस बनना और पेट फूलना

थोड़ा खाने पर ही पेट भरा महसूस होना

भूख में कमी

मतली या उल्टी

गहरे या तारकोल जैसे रंग का मल (संभावित रक्तस्राव का संकेत)

कमजोरी या चक्कर (यदि खून की कमी हो)

यदि अल्सर से खून बहने लगे तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।

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क्या H. pylori से कैंसर हो सकता है?

लंबे समय तक untreated संक्रमण पेट की परत में असामान्य बदलाव ला सकता है। बहुत कम मामलों में यह पेट के कैंसर से जुड़ा पाया गया है। हालांकि, कैंसर का खतरा (H Pylori Infection Symptoms) दुर्लभ है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसे गैस्ट्रिक कैंसर के महत्वपूर्ण कारणों में गिना जाता है। खासकर उन देशों में जहां कम उम्र में संक्रमण आम है, वहां जोखिम अधिक माना जाता है।

H. pylori की जांच कैसे की जाती है?

संक्रमण की पहचान के लिए दो प्रकार के परीक्षण किए जाते हैं –

Invasive Test

एंडोस्कोपी के जरिए पेट की परत से सैंपल लेकर कल्चर या बायोप्सी

Non-Invasive Test

ब्लड टेस्ट (कम सटीक)

Stool antigen test

Urea breath test (सबसे ज्यादा सटीक और विश्वसनीय)

विशेषज्ञों के अनुसार, Urea breath test और Stool antigen test अधिक संवेदनशील और सटीक माने जाते हैं। ब्लड टेस्ट कई बार पुराने संक्रमण को भी पॉजिटिव दिखा सकता है, इसलिए वह कम भरोसेमंद होता है।

यदि आप जांच कराने जा रहे हैं, तो कम से कम 2 सप्ताह पहले एंटीबायोटिक या एंटी-एसिड दवाओं का सेवन बंद कर दें (डॉक्टर की सलाह से), क्योंकि ये टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं।

https://youtu.be/cEg_PcRd9HA

कब सतर्क हों?

यदि 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक लगातार पेट दर्द, जलन, उल्टी, भूख न लगना या काले रंग का मल दिखाई (H Pylori Infection Symptoms) दे, तो इसे सामान्य गैस न समझें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

पेट की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय कारण जानना जरूरी है, क्योंकि कभी-कभी गैस और एसिडिटी के पीछे एक गंभीर संक्रमण भी छिपा हो सकता है।

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