Google Pay Fraud : भिलाई में साइबर शॉक…Google Pay से बुजुर्ग का बैंक अकाउंट खाली…18 लाख की ठगी ने सबको चौंकाया

Google Pay Fraud
Google Pay Fraud : डिजिटल पेमेंट के दौर में एक लापरवाही कभी-कभी जीवनभर की कमाई को खतरे में डाल सकती है। भिलाई में 76 वर्षीय जयतराम चंदेल इसी साइबर जाल में फंस गए और उनके बैंक खातों से करीब 18 लाख रुपये गायब हो गए।
जानकारी के मुताबिक, जयतराम चंदेल आशीष नगर (नेवई थाना क्षेत्र) में रहते हैं। उनके किराएदार आकाश सिंह ने किराया चुकाने के बहाने उनके फोन में Google Pay ऐप इंस्टॉल कराया। शुरुआत में सब सामान्य लगा—आकाश ने 7,302 रुपये चंदेल के खाते में भेजे और लेन-देन की प्रक्रिया समझाने के लिए उनके मोबाइल से अपनी पत्नी के खाते में तीन बार ₹1 ट्रांसफर कराया।
लेकिन इसी दौरान साइबर ठगों ने मोबाइल और बैंक डिटेल्स पर कब्जा(Google Pay Fraud) कर लिया। देखते ही देखते यूनियन बैंक खाते से 6,72,603 रुपये और एसबीआई खाते से 10,96,941 रुपये निकाल लिए गए। रकम किश्तों में ट्रांसफर की गई, जिससे बुजुर्ग को तत्काल भनक भी नहीं लगी।
कैसे हुआ धोखा?
यूनियन बैंक का खाता संयुक्त था, जिसमें उनकी पत्नी का मोबाइल नंबर पंजीकृत था।
साइबर ठगों ने उसी नंबर पर आने वाले ओटीपी का दुरुपयोग किया।
धीरे-धीरे खाते से लाखों की रकम उड़ा ली गई।
जब जयतराम ने खाते की जांच की तो पूरा मामला सामने आया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह वारदात न सिर्फ पुलिस बल्कि साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई है।
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स के अनुसार
डिजिटल पेमेंट सिस्टम मजबूत जरूर है, लेकिन जागरूकता की कमी सबसे बड़ी कमजोरी(Google Pay Fraud) है।
लोगों को समझना होगा कि किसी भी परिस्थिति में मोबाइल फोन, बैंकिंग ऐप्स या यूपीआई से जुड़ी जानकारी दूसरों के साथ साझा न करें।
डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) आज के समय की सबसे जरूरी सुरक्षा ढाल है।
पुलिस की चेतावनी
कभी भी अपना फोन किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में न दें।
ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग डिटेल्स किसी से साझा न करें।
यदि किसी संदिग्ध लेन-देन की सूचना मिले तो तुरंत बैंक और साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।