छत्तीसगढ़

Cobra Rescue Korba : आधी रात घर में घुसा 5 फीट का जहरीला कोबरा, परिवार में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक रिहायशी घर के अंदर अचानक 5 फीट लंबा जहरीला भारतीय कोबरा नाग निकल आया। यह सनसनीखेज घटना कोरबा जिले के कनकेश्वर धाम, कनकी गांव की है, जो शहर से लगभग 26 किलोमीटर दूर स्थित है।

शांत ग्रामीण इलाके में हुई इस घटना से लोगों में भय का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए पूरा इलाका सहम गया। (Cobra Rescue Korba) की यह घटना देर रात तक चर्चा का विषय बनी रही।

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मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे घर के सदस्य सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें कमरे के भीतर किसी चीज के सरकने और हलचल का आभास हुआ। पहले तो उन्होंने इसे सामान्य समझा, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो उनके होश उड़ गए। कमरे के भीतर एक लंबा और फन फैलाए जहरीला नाग दिखाई दिया।

यह दृश्य देखते ही घर के सभी लोग घबराकर तुरंत बाहर निकल आए। डर का आलम ऐसा था कि किसी की भी हिम्मत घर के अंदर जाने की नहीं हो रही थी। यह पल (Cobra Rescue Korba) के रूप में घर वालों के लिए बेहद डरावना साबित हुआ।

घबराए परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों को आवाज देकर बुलाया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर जमा हो गए, लेकिन सांप के डर से कोई भी अंदर जाने को तैयार नहीं था। इसी बीच कोबरा दो कुर्सियों के बीच जाकर बैठ गया, जिससे खतरा और बढ़ गया।

ग्रामीणों ने आपसी चर्चा के बाद तय किया कि बिना विशेषज्ञ की मदद के कोई कदम उठाना जोखिम भरा हो सकता है। तब गांव के युवक बसंत रजवाड़े ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ‘नोवा नेचर’ के जितेंद्र सारथी को फोन कर घटना की जानकारी दी। (Cobra Rescue Korba) की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई।

जितेंद्र सारथी ने फोन पर ही लोगों को शांत रहने और सांप से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि वे थोड़ी ही देर में टीम के साथ मौके पर पहुंच रहे हैं। कुछ समय बाद जितेंद्र सारथी अपने सहयोगी सिद्धांत जैन के साथ कनकी गांव पहुंचे।

रेस्क्यू टीम को देखते ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी और सभी राहत की सांस लेने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी स्थिति की जानकारी टीम को दी, जिसके बाद रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेस्क्यू टीम ने अत्यंत सावधानी और पेशेवर तरीके से कमरे में प्रवेश किया। जहरीला भारतीय नाग एक जगह स्थिर बैठा हुआ था, लेकिन किसी भी समय आक्रामक हो सकता था।

ऐसे में टीम ने सुरक्षा उपकरणों के साथ सांप को नियंत्रित किया और बिना किसी नुकसान के उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर थैले में डाल दिया। जैसे ही कोबरा को बाहर निकाला गया, घर वालों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस सफल कार्रवाई के बाद (Cobra Rescue Korba) का भयावह दृश्य समाप्त हुआ।

रेस्क्यू के बाद टीम ने ग्रामीणों को सांपों के व्यवहार और सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद पकड़े गए कोबरा को सुरक्षित रूप से प्राकृतिक रहवास वाले जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया,

https://youtu.be/bT_osYGZanU

ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट सके। इस मानवीय और पर्यावरण-संवेदनशील पहल की ग्रामीणों ने सराहना की और रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया।

ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण देर रात तक घर के बाहर खड़े रहे और पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया को ध्यान से देखते रहे। कई लोगों ने पहली बार इतनी नजदीक से (Cobra Rescue Korba) की पूरी प्रक्रिया को देखा और समझा।

इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वन्यजीवों के प्रति डर के साथ-साथ समझ और जिम्मेदारी भी जरूरी है। समय पर सूचना और विशेषज्ञों की मदद से न केवल मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है, बल्कि वन्यजीवों को भी नुकसान से बचाया जा सकता है।

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