Geneva Nuclear Negotiations : अमेरिका–ईरान के बीच दूसरे दौर की परमाणु वार्ता आज जेनेवा में, तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज

संभावित टकराव की आशंकाओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की वार्ता मंगलवार को जेनेवा में आयोजित (Geneva Nuclear Negotiations) होगी। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रासी से मुलाकात की।
दोनों देशों के बीच पहला दौर छह फरवरी को ओमान की मध्यस्थता में मस्कट में हुआ था। दूसरा दौर भी ओमान की पहल पर आयोजित किया जा रहा है। अराघची ने बताया कि वह ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते के लिए खुले विचारों के साथ जेनेवा में मौजूद हूं, लेकिन धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे।”
इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने संकेत (Geneva Nuclear Negotiations) दिया था कि यदि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील देता है तो तेहरान परमाणु मुद्दे पर समझौते के लिए तैयार हो सकता है।
यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बनाए हुए हैं। उन्होंने हाल ही में घोषणा की कि दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford को कैरेबियाई क्षेत्र से पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है। पश्चिम एशिया में पहले से एक अन्य अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात है।
उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता होता है तो उसमें कड़ी शर्तें शामिल (Geneva Nuclear Negotiations) की जानी चाहिए। उन्होंने परमाणु सामग्री को हटाने, यूरेनियम संवर्धन पर रोक और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध की मांग दोहराई। विश्लेषकों का मानना है कि जेनेवा वार्ता का परिणाम पश्चिम एशिया की रणनीतिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।



