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विदेशों में भी कर सकेगी आतंकी मामलों की जांच, एनआईए की ताकत में इजाफा

नईदिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समझा जाता है कि देश और विदेश में आतंकी मामलों की जांच में एनआईए को और मजबूत बनाने के लिए दो कानूनों को संशोधित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कानून और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून को संशोधित करने के लिए आगामी दिनों में संसद में अलग-अलग विधेयक लाए जाएंगे।

प्रस्ताव से अवगत सूत्रों ने बताया कि संशोधन से एनआईए साइबर अपराध और मानव तस्करी के मामलों की जांच कर पाएगी। यूएपीए की अनुसूची चार में संशोधन से एनआईए आतंकवाद से जुड़े संदिग्ध लोगों को आतंकी घोषित कर पाएगी। अभी केवल संगठनों को ‘आतंकी संगठन  घोषित किए जाते हैं। मुंबई में आतंकी हमले के बाद 2009 में एनआईए की स्थापना की गयी थी।

हमले में 166 लोगों की मौत हो गयी थी। सूत्रों ने कहा कि 2017 के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय नयी चुनौतियों से मुकाबला के वास्ते एनआईए को और शक्तिशाली बनाने के लिए दो कानूनों पर विचार कर रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग की सुविधा प्रदान करने से जुड़ा विधेयक पेश करने के प्रस्ताव को सोमवार को नहीं लाया सका। इसी तरह का एक विधेयक पिछले महीने 16 वीं लोकसभा के भंग होने के बाद निरस्त हो गया था

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