Forced Religious Conversion : लालच और दबाव से मतांतरण पर सख्त कानून लाएगी विष्णु सरकार
Forced Religious Conversion
छत्तीसगढ़ में मतांतरण को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि किसी की गरीबी, अशिक्षा और मजबूरी का फायदा उठाकर मतांतरण कराना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो वह अलग विषय है, लेकिन लालच या दबाव के जरिए कराए गए जबरन मतांतरण (Forced Religious Conversion) का विरोध होना चाहिए और समाज ने इसका विरोध किया भी है।
मुख्यमंत्री साय गुरुवार को राज्य के निर्माता भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 115 अटल परिसरों के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को प्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार समाज में समरसता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इधर, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में मतांतरण के मामलों पर नियंत्रण के लिए जल्द ही सख्त कानून लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतांतरण से जुड़े नए कानून का मसौदा तैयार कर लिया गया है, जो फिलहाल परीक्षण की प्रक्रिया में है। प्रक्रिया पूरी होते ही इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। नए कानून के तहत लालच, दबाव या किसी भी अनैतिक तरीके से कराए गए जबरन मतांतरण (Forced Religious Conversion) पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 1968 का धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम पहले से लागू है, लेकिन समय के अनुरूप इसमें संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए कानून से मतांतरण की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी होगी तथा प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूत आधार मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मतांतरण के मुद्दे को भुनाने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा मतांतरण को लेकर केवल राजनीति करती है और वास्तविक समाधान नहीं चाहती।
उन्होंने केंद्र सरकार से जबरन मतांतरण (Forced Religious Conversion) के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग दोहराई और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। कुल मिलाकर, प्रदेश में मतांतरण को लेकर सियासत तेज है और आने वाले दिनों में नया कानून इस बहस का केंद्र बनने वाला है।
