Food Storage Monitoring : खाद्यान्न भंडारण अब होगा फुल-प्रूफ — निरीक्षण, नमी और फ्यूमिगेशन ऐप से व्यवस्था रियल-टाइम

मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने (Food Storage Monitoring) शुक्रवार को ग्वालियर से खाद्यान्न भंडारण प्रणाली को पूर्णतः आधुनिक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तीन हाई-टेक मोबाइल एप — निरीक्षण ऐप, नमी मापक ऐप और फ्यूमिगेशन ऐप लॉन्च किए।
इन ऐप्स के माध्यम से अनाज भंडारण की निगरानी अब डिजिटल मोड में रियल-टाइम होगी, जिससे गड़बड़ियों पर स्वतः नियंत्रण और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मंत्री राजपूत ने साफ कहा — पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि गोदाम प्रबंधन पूरी तरह मॉनिटरिंग आधारित और फुलप्रूफ बने। अब निरीक्षण से लेकर नमी परीक्षण और फ्यूमिगेशन तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल ट्रैकिंग पर रहेगी। इससे गड़बड़ी रोकने, स्टॉक की गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ताओं तक उच्च स्तरीय खाद्यान्न पहुँचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
निरीक्षण ऐप
इस ऐप के माध्यम से गोदामों की लोकेशन-बेस्ड रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। निरीक्षण रोस्टर भोपाल मुख्यालय से जारी होगा और एक ब्रांच के गोदाम का निरीक्षण दूसरी ब्रांच के अधिकारी द्वारा किया जाएगा — ताकि क्रॉस-वेरिफिकेशन सुनिश्चित रहे। निरीक्षक यदि स्थल से 100 मीटर दूर होगा तो ऐप निरीक्षण स्वीकार ही नहीं करेगा। निरीक्षण डेटा, फोटो, लोकेशन — सब कुछ रियल-टाइम सर्वर पर दर्ज होगा। इससे जवाबदेही मजबूत और पारदर्शिता अभूतपूर्व स्तर पर लागू होगी।
नमी मापक ऐप
यह ऐप अब नमी जांच को पूरी तरह मैनुअल से डिजिटल में बदल देगा। मॉइस्चर मीटर से स्टैक की ऊपरी, बीच और निचली परत में नमी मापी जाएगी तथा डिजिटल पर्ची का फोटो ऐप में अपलोड करना अनिवार्य होगा। जिला प्रबंधक रियल-टाइम डेटा FCI तक भेज सकेंगे — इससे भंडारित खाद्यान्न की गुणवत्ता सुरक्षित रहने में बड़ा लाभ मिलेगा।
फ्यूमिगेशन ऐप
अनाज पर होने वाली दवा प्रक्रिया — अब पूरी तरह डिजिटल रिकॉर्ड में। कवर लगाने से लेकर हटाने तक की प्रत्येक फोटो ऐप में अनिवार्य अपलोड होगी। दवा छिड़काव की सफलता दर्ज होने तक स्टॉक जारी नहीं किया जा सकेगा। इससे (Food Storage Monitoring) अब मज़बूत, सुरक्षित और उपभोक्ता स्वास्थ्य संरक्षण आधारित बनेगा।



