Credit Score Update 2026 : 1 जनवरी से बदलेंगे क्रेडिट स्कोर और वित्तीय-गैर वित्तीय नियम, वाहन खरीदना भी महंगा
Credit Score Update 2026
एक जनवरी 2026 से भारत में कई वित्तीय और गैर-वित्तीय नियम (Financial and Non-Financial Rules) बदलने जा रहे हैं, जिनका आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर होगा। इसमें क्रेडिट स्कोर, डिजिटल लेनदेन, पीएम किसान योजना और वाहन कीमतों से जुड़े नियम शामिल हैं।
सबसे बड़ा बदलाव क्रेडिट स्कोर (Credit Score Update 2026) की रिपोर्टिंग में होगा। अब तक क्रेडिट ब्यूरो मासिक आधार पर डाटा अपडेट करते थे, लेकिन नए साल से यह साप्ताहिक आधार पर अपडेट होगा। इसका मतलब है कि लोन या क्रेडिट कार्ड की ईएमआई चुकाने में एक दिन की देरी भी आपके क्रेडिट स्कोर में तुरंत दिखेगी। वहीं समय पर भुगतान करने वालों के स्कोर में तेजी से सुधार होगा और लोन मिलना आसान होगा।
वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी भी होने जा रही है। बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, निसान, जेएसडब्ल्यू एमडी मोटर, रेनो और एथर एनर्जी जैसे निर्माता अपने वाहनों के मूल्य में 3% तक बढ़ोतरी कर चुके हैं। इससे वाहन खरीदने की लागत बढ़ जाएगी। यह वृद्धि उस समय हो रही है जब सितंबर में जीएसटी कटौती के कारण वाहन कीमतों में 8-10% की कमी आई थी।
डिजिटल लेनदेन (Digital Payment Rules 2026) के नियम भी सख्त होंगे। यूपीआई प्लेटफॉर्म्स जैसे गूगलपे, फोनपे, पेटीएम और व्हाट्सएप को अधिक कड़ा केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया अपनानी होगी। मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लिंकिंग में अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जोड़ी जाएगी, ताकि फर्जी खातों पर रोक लगाई जा सके।
पीएम किसान योजना (PM Kisan ID 2026) में भी नया नियम लागू होगा। नए साल से किसानों के लिए डिजिटल आइडी अनिवार्य होगी, जिसमें भूमि, फसल, आधार और बैंक जानकारी जुड़ी होगी। यह किसानों को सरकारी लाभ जल्दी और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद करेगी। मौजूदा लाभार्थी इससे प्रभावित नहीं होंगे।
सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में राहत भी मिलेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने 1 जनवरी 2026 से सीएनजी और पीएनजी के मूल्य में 2-3 रुपये प्रति यूनिट की कमी का ऐलान किया है। निजी कंपनियों ने भी यूपी, पंजाब और बिगार क्षेत्रों में कीमतों में कमी की घोषणा की है। इस तरह नए साल में वित्तीय नियम सख्त होंगे, क्रेडिट स्कोर पर नजर बढ़ेगी, वाहन महंगे होंगे, लेकिन घरेलू ऊर्जा की कीमतों में थोड़ी राहत मिलेगी।
