छत्तीसगढ़

Finance Department : सरकारी खर्च पर अब सख्ती, बैठकों से लेकर गाड़ियों तक बदले जाएंगे नियम

सीजी भास्कर, 17 मई। छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में अब खर्च को लेकर सख्ती (Finance Department) बढ़ने वाली है। वित्त विभाग की तरफ से जारी नए निर्देशों के बाद अलग अलग विभागों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खास तौर पर वाहनों के उपयोग, बैठकों और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर बातचीत हो रही है। कई विभाग अब नई व्यवस्था के अनुसार अपने कामकाज में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं।

Finance Department
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राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सरकारी दफ्तरों को लेकर नया माहौल दिखाई देने लगा है। विभागों को साफ निर्देश दिया गया है कि अनावश्यक खर्च से बचा जाए और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए। सरकार ने इसे वित्तीय अनुशासन और बचत से जोड़कर देखा है।

वित्त विभाग ने जारी किया आदेश : Finance Department

वित्त विभाग ने सरकारी खर्चों में कमी लाने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक व्यय में अनुशासन बनाए रखने और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए कई मितव्ययिता उपाय तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

कारकेड और वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण

सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और निगम मंडल आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल जरूरी वाहनों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागों को शासकीय संसाधनों का सीमित और संयमित इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा पेट्रोल और डीजल खर्च कम करने के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों को साझा वाहन उपयोग करने की सलाह दी गई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

आदेश में सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार इसे खर्च कम करने और ऊर्जा बचत से जोड़कर देख रही है।

विदेश यात्रा और बैठकों पर भी सख्ती

राज्य शासन के खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर भी रोक लगाने का फैसला (Finance Department) लिया गया है। केवल बेहद जरूरी स्थिति में ही अनुमति दी जाएगी और इसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व मंजूरी जरूरी होगी।

भौतिक बैठकों को सीमित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। विभागों से कहा गया है कि नियमित समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं। महीने में केवल जरूरत पड़ने पर ही प्रत्यक्ष बैठक की जाए।

बिजली और कागज बचाने पर जोर

सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा बचत को लेकर भी निर्देश जारी हुए हैं। कार्यालय समय खत्म होने के बाद बिजली उपकरण बंद रखने को अनिवार्य किया गया है। साथ ही कागज और स्टेशनरी खर्च कम करने के लिए ई ऑफिस व्यवस्था और डिजिटल फाइलों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

सितंबर तक लागू रहेंगे निर्देश

सरकार की ओर से जारी यह सभी निर्देश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। विभागों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

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