ग्रामीण इलाकों में इन दिनों सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का दावा करने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों की चर्चा (Farmers Scheme)बढ़ गई है। कई किसान ऐसे लोगों के संपर्क में आ रहे हैं जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसी तरह की घटनाओं को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों के बीच इस चेतावनी के बाद जागरूकता बढ़ी है। विभाग का कहना है कि कुछ साइबर ठग कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का नाम लेकर किसानों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद विभाग ने एडवाइजरी जारी कर सभी हितग्राहियों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
योजना के नाम पर किया जा रहा संपर्क Farmers Scheme
कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार कुछ लोग स्वयं को विभागीय अधिकारी बताकर कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का लाभ दिलाने का झांसा दे रहे हैं। किसानों से फोन के माध्यम से संपर्क कर उन्हें विभिन्न तरह की जानकारी देने या लेने की कोशिश की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि हितग्राही योजनाओं के अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। इस प्रक्रिया में किसी भी हितग्राही से योजना का लाभ दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया जाता।
इन नंबरों से आने वाले कॉल से रहें सतर्क
विभाग ने किसानों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, वॉट्सऐप कॉल, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाले संपर्क पर भरोसा न करें। विशेष रूप से 07056847570, 07088438459, 0756847570 और 9520711020 जैसे नंबरों से आने वाले कॉल को नहीं उठाने की सलाह दी गई है।
किसी से साझा न करें अपनी जानकारी
किसानों से कहा गया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। ठग पहले से उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश (Farmers Scheme) कर सकते हैं और बाद में आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
यदि कोई व्यक्ति खुद को विभागीय अधिकारी बताकर बात करे या किसी अधिकारी का नाम लेकर जानकारी मांगे तो उसकी बात पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। पहले संबंधित कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी किसान के साथ साइबर अपराध की घटना होती है तो उसकी शिकायत बिना देरी किए नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी तुरंत सूचना देकर सहायता ली जा सकती है।
