Fake CM Video Case : सीएम विष्णु देव साय के नाम पर वीडियो… और फिर हुआ बड़ा खुलासा

Fake CM Video Case

Fake CM Video Case

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से तैयार किया गया एक फर्जी वीडियो (Fake CM Video Case) इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राज्य की सियासत और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

वीडियो की सत्यता पर सवाल उठते ही पुलिस सक्रिय हुई और जांच के बाद इस पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुलिस ने फर्जी वीडियो बनाने और प्रसारित करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में 30 वर्षीय मिर्जा असलम बेग, निवासी ग्राम डोमा थाना आरंग, और 30 वर्षीय अंकित दुबे, निवासी न्यू शांति नगर थाना सिविल लाइन शामिल हैं।

पुलिस ने मिर्जा असलम बेग को आरंग क्षेत्र से जबकि अंकित दुबे को न्यू शांति नगर इलाके से हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री के नाम और चेहरे का दुरुपयोग करते हुए फर्जी वीडियो (Fake CM Video Case) तैयार किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया।

इस मामले की शिकायत भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया ट्रैकिंग तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई। जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो को जानबूझकर वायरल किया गया ताकि भ्रम फैलाया जा सके और सार्वजनिक विश्वास को ठेस पहुंचे।

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत एफआईआर दर्ज की है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य डिजिटल लिंक, वीडियो एडिटिंग टूल्स और संभावित नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी राजनीतिक या संवैधानिक पद से जुड़े वीडियो को बिना सत्यापन साझा न करें। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहें लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।

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