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Eye Infection Case Bijapur : रायपुर में अलर्ट, पूरी सतर्कता के साथ हो रहे मोतियाबिंद आपरेशन

बीजापुर में मोतियाबिंद आपरेशन के बाद नौ मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण फैलने की घटना (eye infection case Bijapur) ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को हिला दिया है। इस प्रकरण के बाद प्रदेशभर में स्वास्थ्य महकमा उच्च सतर्कता पर है और आपरेशन प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। राजधानी के माना स्थित सरकारी अस्पताल में भी इन दिनों हाई अलर्ट मोड पर मोतियाबिंद सर्जरी की जा रही है।

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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों का मोतियाबिंद आपरेशन किया जा रहा है, लेकिन बीजापुर की घटना के बाद हर चरण को पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में जल्दबाजी नहीं की जा रही और मरीजों की मेडिकल कंडीशन को गहराई से जांचने के बाद ही सर्जरी की अनुमति दी जा रही है।

बीपी-शुगर बढ़ा तो तुरंत आपरेशन नहीं

सबसे पहले जिन मरीजों को आपरेशन के लिए लाया जाता है, उनका बीपी और शुगर लेवल चेक किया जाता है। जिन मरीजों का स्तर सामान्य से अधिक पाया जाता है, उनकी सर्जरी उसी दिन नहीं की जाती। ऐसे मरीजों को अगली तिथि देकर स्थिति स्थिर होने पर ही ऑपरेशन (cataract surgery alert Raipur) किया जाता है।

विजन टेस्ट से लेकर मेडिकल फिटनेस तक पूरी प्रक्रिया

आपरेशन से पहले मरीज को एक विस्तृत मेडिकल प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य है।

सबसे पहले विजन टेस्ट किया जाता है, जिसमें आंखों की वास्तविक स्थिति का आकलन होता है।

मरीज को सर्जरी से एक दिन पहले भर्ती किया जाता है।

भर्ती होने के बाद आंखों में नियमित ड्रॉप डाले जाते हैं, ताकि संक्रमण की संभावना न्यूनतम रहे।

इसके साथ ही ईसीजी, मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट और ग्रेडिंग की जाती है।

इन सभी रिपोर्टों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाता है कि मरीज मोतियाबिंद सर्जरी (Chhattisgarh health dept alert) के लिए उपयुक्त है या नहीं।

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तीन दिनों में 50 सफल आपरेशन

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बढ़ी हुई सावधानी और सख्त प्रोटोकॉल के बावजूद आपरेशन की गति प्रभावित नहीं हुई है। पिछले तीन दिनों में 50 मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं। सभी सर्जरी निर्धारित मानकों और संक्रमण नियंत्रण गाइडलाइन के अनुसार की गई हैं।

बीजापुर कांड ने बढ़ाई चौकसी

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीजापुर की घटना ने पूरे प्रदेश में आंखों के आपरेशन से जुड़े प्रोटोकाल को फिर से कठोर कर दिया है। रायपुर सहित सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों को निर्देश जारी किए गए हैं कि मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान 100 प्रतिशत स्टरलाइजेशन, दवाइयों की गुणवत्ता और मरीज की मेडिकल कंडीशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए (infection control protocol)।

माना अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रिचा की सलाह — आपरेशन के बाद जागरूकता सबसे जरूरी

यदि शुगर मरीज हैं तो आपरेशन के बाद मीठा न खाएं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

रोजाना आठ बार आई ड्राप डालना अनिवार्य है। चूक होने पर खतरा बढ़ सकता है।

सिर के ऊपर से पानी डालकर नहीं नहाना चाहिए।

लंबे बाल, सिर की रूसी या स्किन इन्फेक्शन संक्रमण को बढ़ावा दे सकते हैं।

ऑपरेशन के बाद काला चश्मा लगाना जरूरी है, ताकि धूल और तेज रोशनी से आंख सुरक्षित रहे।

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