Epstein Files India Parliament : लोकसभा में ‘एपस्टीन फाइल्स’ की एंट्री – राहुल गांधी के आरोपों से सदन में हंगामा, अनिल अंबानी और हरदीप पुरी का लिया नाम
Epstein Files India Parliament
लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण (Epstein Files India Parliament) में ‘एपस्टीन फाइल्स’ का मुद्दा उठा दिया। राहुल गांधी के इस बयान ने न केवल सत्ता पक्ष को असहज किया, बल्कि सदन में जोरदार हंगामा भी खड़ा कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरी दुनिया में एपस्टीन फाइल्स को लेकर चर्चा हो रही है और भारत इससे अछूता नहीं है। उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए सरकार से सीधे सवाल पूछे। उनका दावा था कि इन फाइल्स में जिन नामों की चर्चा है, उन पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
‘अनिल अंबानी जेल क्यों नहीं गए?’
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “देश में एक उद्योगपति हैं – अनिल अंबानी। मेरा सवाल यह है कि वे अब तक जेल क्यों नहीं गए? इसका जवाब एपस्टीन फाइल्स में छिपा है।” इसके साथ ही उन्होंने हरदीप सिंह पुरी से भी सवाल किया कि उन्हें एपस्टीन (Epstein Files India Parliament) से किसने मिलवाया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी है और मंत्री को भी यह सच्चाई मालूम है। उनके इन आरोपों पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिखाई देता है और इसके पीछे दो बड़े कारण हैं, जिनमें से एक एपस्टीन फाइल्स से जुड़ा है। इस टिप्पणी पर पीठासीन अधिकारी ने राहुल गांधी को चेतावनी भी दी, लेकिन उन्होंने अपनी बात जारी रखी।
डिफेंस बजट और अडानी का जिक्र
अपने भाषण के अगले हिस्से में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के डिफेंस सेक्टर के बजट पर किसी और का कंट्रोल (Epstein Files India Parliament) दिखाई देता है और वह गौतम अडानी हैं। उन्होंने कहा कि अडानी कोई साधारण उद्योगपति नहीं हैं और उनकी कंपनियों के खिलाफ अमेरिका में केस चल रहा है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि यह कॉरपोरेट ताकतें भारतीय जनता पार्टी की आर्थिक मदद करती हैं और असली निशाना अडानी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री हैं।
सदन में बढ़ा टकराव
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया। जहां विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दा बताया, वहीं सरकार पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद और नियमों के खिलाफ करार दिया।
एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा संसद में उठने के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बजट बहस के साथ-साथ यह विवाद भी सियासी चर्चा के केंद्र में रहने वाला है।
