EPFO Rules : कर्मचारियों की बचत पर अब नहीं चलेगी मनमानी, नए नियमों से बढ़ी हलचल

निजी कंपनियों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के बीच सोमवार को भविष्य निधि को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई। दफ्तरों और औद्योगिक संस्थानों में लोग यह समझने में जुटे रहे कि आखिर नए नियमों का असर उनकी जमा पूंजी पर कैसे पड़ेगा। खासकर उन कंपनियों के कर्मचारियों में ज्यादा हलचल रही, जहां खुद का भविष्य निधि ट्रस्ट संचालित होता है।

कई कर्मचारियों का कहना था कि अब निजी ट्रस्टों पर निगरानी और सख्त हो सकती है। वहीं श्रमिक संगठनों के बीच भी इस फैसले को लेकर बातचीत तेज रही। लोगों की नजर खास तौर पर ब्याज दर और कर्मचारियों के खातों की सुरक्षा से जुड़े बदलावों पर टिकी रही।

निजी ट्रस्टों के लिए नियम हुए सख्त : EPFO Rules

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने निजी ट्रस्टों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया लागू की है। इसके तहत ऐसे सभी संस्थानों को अपने कर्मचारियों को वही सुविधाएं देनी होंगी जो संगठन देता है या फिर उससे बेहतर लाभ उपलब्ध कराने होंगे।

लाखों कर्मचारियों की बचत पर असर

बताया गया है कि देशभर में ऐसे करीब 1250 निजी ट्रस्ट हैं जो लगभग 32 लाख कर्मचारियों की बड़ी बचत राशि का प्रबंधन करते हैं। इन खातों में लाखों करोड़ रुपए जमा हैं। नए नियमों के जरिए इन संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की गई है।

नियम नहीं मानने पर खत्म हो सकती है छूट

जानकारी के मुताबिक यदि कोई निजी ट्रस्ट तय नियमों का पालन नहीं (EPFO Rules) करता है तो उसकी विशेष छूट समाप्त की जा सकती है। ये वे संस्थान होते हैं जो कर्मचारियों की भविष्य निधि राशि को सीधे केंद्रीय कोष में जमा करने की जगह खुद के ट्रस्ट के जरिए संचालित करते हैं।

श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाले बोर्ड से मिली मंजूरी

नई व्यवस्था को केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने मंजूरी दी है जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया करते हैं। बताया गया कि इससे पहले अलग अलग नियम लागू थे लेकिन अब उन्हें एक ही ढांचे में शामिल किया गया है ताकि प्रक्रिया सरल हो सके।

निष्क्रिय खातों को लेकर भी बदला नियम

नई व्यवस्था के तहत बिना पहचान सत्यापन वाले खातों और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों की राशि ब्याज सहित संगठन के पास स्थानांतरित करनी होगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की जमा पूंजी को ज्यादा सुरक्षित बनाना बताया जा रहा है।

ज्यादा ब्याज देने पर भी लगी सीमा

नए नियमों में निजी ट्रस्टों द्वारा मनमाने तरीके से ज्यादा ब्याज देने पर भी रोक लगा (EPFO Rules) दी गई है। अब तय सीमा से ज्यादा ब्याज नहीं दिया जा सकेगा। बताया गया कि कुछ संस्थान अपने कर्मचारियों को काफी ऊंची ब्याज दर दे रहे थे जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

बड़ी कंपनियां भी दायरे में

इस व्यवस्था के तहत कई बड़ी सार्वजनिक और निजी कंपनियां आती हैं। इनमें इस्पात, वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और तेल क्षेत्र से जुड़ी कई नामी कंपनियां शामिल हैं जिनके अपने भविष्य निधि ट्रस्ट संचालित होते हैं।

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