पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन काफी अहम रहा। नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद राजधानी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल (Cabinet Expansion) बनी रही। लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही थी और आखिरकार उस पर मुहर लग गई। कार्यक्रम के दौरान कई नए चेहरे सत्ता के केंद्र में पहुंचते दिखाई दिए, जबकि समर्थकों और नेताओं की नजरें इस बात पर टिकी रहीं कि सरकार में किन लोगों को जगह मिलती है।
लोकभवन में आयोजित समारोह में माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। शपथ ग्रहण के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। सरकार के गठन के करीब 22 दिन बाद हुए इस बड़े विस्तार को आने वाले समय की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
35 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ : Cabinet Expansion
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार में पहली बार बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। राज्यपाल आरएन रवि ने कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हैं।
इन नेताओं को मिली कैबिनेट में जगह
कैबिनेट मंत्री के रूप में दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, शरद्वत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनुप कुमार दास ने शपथ ली।
स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों की सूची
सरकार ने तीन नेताओं को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें डॉ. इंद्रनील खान, मालती रावा रॉय और राजेश महतो का नाम शामिल है।
राज्य मंत्रियों की लंबी सूची
राज्य मंत्री के रूप में जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नादियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश राय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गर्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जना और सुमना सरकार ने शपथ (Cabinet Expansion) ग्रहण किया।
किस श्रेणी में कितने मंत्री
सरकार के नए मंत्रिमंडल में कुल 35 विधायक शामिल किए गए हैं। इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, 3 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इस विस्तार के बाद सरकार का दायरा और व्यापक हो गया है।
अब विभागों के बंटवारे पर नजर
मंत्रियों के नाम सामने आने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा विभागों के बंटवारे को लेकर हो रही है। फिलहाल सरकार की ओर से किसी भी मंत्री को विभाग आवंटित नहीं किया (Cabinet Expansion) गया है। ऐसे में राजनीतिक हलकों की निगाहें अब अगले फैसले पर टिकी हैं कि किस नेता को कौन सी जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
आने वाले दिनों में विभागों के आवंटन के साथ सरकार की प्राथमिकताएं भी साफ होती नजर आएंगी। यही वजह है कि नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद अब अगला बड़ा इंतजार मंत्रालयों के बंटवारे का है।
