होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने वाले कई लोगों के मन में यह डर रहता है कि अगर किसी महीने ईएमआई समय पर नहीं कट (EMI Bounce) पाई तो कहीं उनका क्रेडिट स्कोर खराब न हो जाए। खासकर तब, जब खाते में बैलेंस कम हो या किसी वजह से भुगतान एक दो दिन की देरी से हो।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे अहम बात यह है कि छूटी हुई ईएमआई का भुगतान आप कितनी जल्दी करते हैं। समय रहते भुगतान करने पर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
क्या एक दिन की देरी से खराब हो जाता है सिबिल स्कोर EMI Bounce
सिर्फ एक दिन ईएमआई लेट होने से आमतौर पर क्रेडिट स्कोर पर तुरंत बड़ा असर नहीं पड़ता। हालांकि यदि ईएमआई ऑटो डेबिट से जुड़ी है और खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो पाता, तो बैंक ईएमआई बाउंस शुल्क या विलंब शुल्क लगा सकता है।
बैंक सबसे पहले क्या करता है
ईएमआई नहीं कटने पर बैंक आमतौर पर ग्राहक को संदेश, ईमेल या फोन कॉल के जरिए भुगतान की याद दिलाता है। शुरुआती दिनों में इसे गंभीर डिफॉल्ट नहीं माना जाता, बल्कि बकाया भुगतान के रूप में देखा जाता है ताकि ग्राहक जल्द से जल्द राशि जमा कर सके।
कब बढ़ती है परेशानी
यदि ग्राहक कई दिनों तक बकाया राशि जमा नहीं करता और बैंक की रिपोर्टिंग अवधि तक भुगतान (EMI Bounce) नहीं होता, तब बैंक इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को भेज सकता है। इसके बाद क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
समय पर भुगतान करना सबसे जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर बैंक ग्राहकों को कुछ दिनों का समय देते हैं ताकि वे छूटी हुई ईएमआई जमा कर सकें। इस दौरान विलंब शुल्क या अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है, लेकिन समय पर भुगतान करने से क्रेडिट स्कोर पर असर सीमित रह सकता है।
ऐसे रखें अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर
भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए खाते में ईएमआई की राशि पहले से बनाए (EMI Bounce) रखें, भुगतान की तारीख का ध्यान रखें और किसी आर्थिक परेशानी की स्थिति में बैंक से पहले ही संपर्क करें। नियमित और समय पर भुगतान करने से क्रेडिट स्कोर मजबूत बना रहता है और भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में भी आसानी होती है।
