शेयर बाजार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है. इस हफ्ते दो कारोबारी सत्रों में बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे आने वाले दिनों में भी दबाव बने रहने के संकेत मिल रहे हैं. यह लगातार 8वां हफ्ता था, जब सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई है. ऐसा बीते 25 सालों में पहली बार हुआ है, जब मार्केट लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है.
इस सप्ताह एनएसई निफ्टी50 में 3.11 प्रतिशत की गिरावट आई और आठ सप्ताह के दौरान यह गिरावट बढ़कर 8.74 प्रतिशत हो चुकी है. निफ्टी में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड रहा, जिसमें 19.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद मारुति सुजुकी का नंबर आता है, जिसमें 18.89 फीसदी की गिरावट आई. महिंद्रा एंड महिंद्रा में 18.33 प्रतिशत की गिरावट रही है. जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में 17.25 प्रतिशत की गिरावट आई और TCS के शेयरों में 15.40 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
26 लाख करोड़ रुपये डूबे
28 अगस्त 2026 को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 494 लाख करोड़ रुपये था. जो 1 अक्टूबर 2026 को गिरकर करीब 468 लाख करोड़ रुपये रह गया है. यानी पिछले एक महीने में करीब 26 लाख करोड़ रुपये घटे हैं. सिर्फ 1 अक्टूबर को 5 लाख करोड़ रुपये निवेशकों के डूबे. वहीं इसी हफ्ते के पहले दिन 8 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था.
इन शेयरों में रही तेजी
दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक ने 8 वीक में 7.06 फीसदी की तेजी दर्ज की है, उसके बाद डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने 2.92 प्रतिशत, अडानी पोर्ट ने 2.62 प्रतिशत और कोल इंडिया ने 1.24 प्रतिशत की तेजी दिखाई है.
इस सप्ताह के दौरान, बजाज ऑटो, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, टाइटन, मैक्स हेल्थकेयर निफ्टी के शीर्ष नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें 10.96 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.
गुरुवार को 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर एक्सपाइरी के दिन 71,909.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ.
अब आगे क्या होगा?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजारों में एक बार फिर तेज बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे गिरावट का रुख और बढ़ गया. कमजोर शुरुआत के बाद, शुरुआती घंटों में बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही रहे, लेकिन दोपहर में बिकवाली का एक तेज दौर शुरू हो गया. निफ्टी अपने सपोर्ट लेवल 22,400-22,600 से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान अप्रैल 2026 के अपने निचले स्तर को तोड़ दिया.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार दबाव में हैं, और बेंचमार्क लगातार आठवें सप्ताह गिरावट पर रहे. इसका कारण विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वेस्ट एशिया में जारी तनाव है. होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति में संभावित रुकावट की चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है, जिससे महंगाई और मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है.
दावा ये भी है कि FII की बिकवाली बाजार की लिक्विडिटी पर दबाव डाल रही है, जबकि रुपये पर दबाव ने व्यापक आर्थिक चिंताओं को बढ़ा दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण अमेरिका की ओर विदेशी निवेशकों का निवेश बढ़ रहा है. इन सभी चीजों ने मार्केट में गिरावट के सेंटिमेंट को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है.
