नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ : अब शिक्षा के क्षेत्र में नया स्वर्णिम अध्याय

गजेंद्र यादव, शिक्षा मंत्री

नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा लाभ अब शिक्षा के क्षेत्र में दिखाई देगा। जहां पहले दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्कूल खोलना और शिक्षकों की नियुक्ति करना एक चुनौती थी, वहीं अब हम बिना किसी भय के शिक्षा के विस्तार की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं।
सबसे पहले अब राज्य के सुदूर अंचलों में नए स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना संभव होगी। जिन क्षेत्रों में कभी बच्चे बंदूक की आवाज़ सुनते थे, वहां अब किताबों की सरसराहट और बच्चों की हंसी गूंजेगी। शिक्षा का यह वातावरण न केवल साक्षरता बढ़ाएगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगा।
दूसरा महत्वपूर्ण परिवर्तन शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्ता में सुधार के रूप में आएगा। पहले सुरक्षा कारणों से कई स्थानों पर शिक्षकों की तैनाती कठिन थी, लेकिन अब योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक निर्भय होकर अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे शिक्षा का स्तर निश्चित रूप से ऊंचा उठेगा।
तीसरा, डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम का विस्तार अब वास्तविकता बनेगा। इंटरनेट और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर हम ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की दूरी को कम कर पाएंगे। ई-लर्निंग, वर्चुअल क्लासेस और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
चौथा, स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते थे, लेकिन अब सुरक्षित वातावरण में अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा और बच्चे निरंतर शिक्षा से जुड़े रहेंगे।
पांचवां, कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को भी नई दिशा मिलेगी। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट सेंटर अब उन क्षेत्रों तक पहुंचेंगे, जहां पहले पहुंचना कठिन था। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हमारा लक्ष्य केवल स्कूल खोलना नहीं, बल्कि एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जो बच्चों को ज्ञान, कौशल और संस्कार तीनों प्रदान करे।
आज का यह समय हमारे लिए एक नई शुरुआत का अवसर है। नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ में शिक्षा ही वह माध्यम बनेगी, जो प्रदेश को विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी। हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में अपना स्थान बनाए।
जहां पहले अंधकार था, वहां अब ज्ञान का प्रकाश फैलेगा—यही नया छत्तीसगढ़ है।
(लेखक छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री हैं।)



