ED Raid Dhamtari: पूर्व मंत्री के भाई के घर दबिश, भारतमाला घोटाले में बड़ा एक्शन

धमतरी में सोमवार सुबह अचानक ED Raid Dhamtari की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई। कुरुद के आसपास लोगों की भीड़ लग गई और हर कोई यह जानने की कोशिश करता दिखा कि आखिर इतना बड़ा एक्शन क्यों हुआ। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि मामला सीधा जमीन और मुआवजे से जुड़ा है, इसलिए जांच और भी गंभीर मानी जा रही है।
इस ed raid dhamtari के बाद राजनीतिक और कारोबारी दोनों ही हलकों में बेचैनी नजर आ रही है। अभनपुर से लेकर दुर्ग तक जुड़े नाम सामने आने की वजह से लोगों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। फिलहाल ED की टीम अंदर जांच में जुटी है और बाहर सन्नाटा जैसा माहौल बना हुआ है।
कुरुद में सुबह से कार्रवाई (ED Raid Dhamtari)
छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला घोटाले की जांच अब और फैलती दिख रही है। सोमवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय की टीम धमतरी के कुरुद इलाके में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर पहुंची और जांच शुरू की।
कई ठिकानों पर दबिश
इसके साथ ही जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की गई है। यह पूरी प्रक्रिया सुबह से लगातार (ED Raid Dhamtari) जारी है, हालांकि अब तक ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
12 से ज्यादा अधिकारी मौके पर
बताया जा रहा है कि तीन गाड़ियों में 12 से अधिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। टीम सीधे घर के अंदर गई और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई।
आरोप यह है कि भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में अपने करीबियों को अभनपुर ही नहीं बल्कि कायाबांधा, दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड जैसे इलाकों में करोड़ों का मुआवजा दिलवाया गया।
शिकायत के आधार पर जांच
इन आरोपों को लेकर पहले ही शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें दस्तावेज भी दिए गए थे। उन्हीं के आधार पर ED अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
घर अंदर से लॉक, जांच जारी
कुरुद के सरोजिनी चौक के पास स्थित घर में टीम अंदर जांच में जुटी हुई है। सुरक्षा के लिए बाहर बल तैनात है और अंदर से घर को बंद कर दिया (ED Raid Dhamtari) गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर बाहर न हो सके।
अभनपुर कनेक्शन भी सामने
इससे पहले रायपुर और अभनपुर में भी ED ने गोपाल गांधी और उनके जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए थे। अब उसी कड़ी में यह नई कार्रवाई मानी जा रही है।
500 करोड़ घोटाले की आशंका
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की बात सामने आई है।
जमीन खेल का खुलासा
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कृषि जमीन को बैकडेट में गैर कृषि घोषित कर मुआवजा (ED Raid Dhamtari) कई गुना बढ़ाया गया। इसके अलावा एक ही खसरे की जमीन को अलग अलग हिस्सों में दिखाकर अलग लोगों के नाम पर भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है। ED इससे पहले भी राज्य के कई जिलों में कार्रवाई कर करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
अधिकारियों की चुप्पी
फिलहाल इस पूरी कार्रवाई को लेकर ED की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन जांच लगातार जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



