छत्तीसगढ़

Bharatmala Land Scam : भारतमाला मुआवजा घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 10 ठिकानों से 40 लाख नकद जब्त

भारतमाला परियोजना के तहत हुए भू-अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर और महासमुंद जिले में एक साथ छापेमारी की। ईडी (ED Raid Bharatmala Scam) की इस कार्रवाई में जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, उसके भाई और ससुर सहित कुल 10 ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से करीब 40 लाख रुपये नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।

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ईडी की यह कार्रवाई एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है, जिसमें तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू सहित अन्य राजस्व अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान सरकारी अभिलेखों में जानबूझकर हेरफेर कर अवैध रूप से अधिक मुआवजा प्राप्त किया गया।

ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा (Bharatmala Land Scam) ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर जमीन का कृत्रिम बंटवारा किया। एक ही भूमि को परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम छोटे-छोटे टुकड़ों में दर्शाया गया, जिससे नियमों का दुरुपयोग करते हुए कई गुना अधिक मुआवजा स्वीकृत कराया जा सके। इस पूरे खेल में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने अब तक करीब 45 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन को जांच के दायरे में लिया है, लेकिन प्रारंभिक आकलन में यह घोटाला 700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच तेज कर दी गई है।

https://youtu.be/relWJ_5AD6k

ईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। भारतमाला परियोजना जैसे राष्ट्रीय महत्व के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में हुए इस कथित घोटाले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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