DMF Scam : छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाले के कथित मास्टरमाइंड सतपाल सिंह छाबड़ा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाला (DMF Scam) मामले में कथित मास्टरमाइंड सतपाल सिंह छाबड़ा (Satpal Singh Chhabra) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से जमानत मिल गई है। जिला खनिज न्यास (District Mineral Foundation) फंड में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सह-आरोपितों को पहले ही जमानत मिलने का हवाला देते हुए यह राहत दी।

सह-आरोपितों को मिल चुकी थी जमानत

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि इस प्रकरण के कई सह-आरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। सुनवाई के दौरान छाबड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने दलील दी कि छत्तीसगढ़ कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा सहित अन्य आरोपितों को भी जमानत मिल चुकी है।

अनिल टुटेजा को पहले मिली थी राहत

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई के दौरान उल्लेख किया कि मुख्य आरोपित अनिल टुटेजा (Anil Tuteja) को 18 मई 2026 को जमानत दी जा चुकी है। इसी आधार पर अदालत ने सतपाल सिंह छाबड़ा को भी जमानत देने का आदेश पारित किया।

ट्रायल कोर्ट तय करेगा शर्तें

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि सतपाल सिंह छाबड़ा को ट्रायल कोर्ट (Trial Court) की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड भरना होगा। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट आवश्यकतानुसार अन्य शर्तें भी निर्धारित कर सकेगा।

पांच करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार सतपाल सिंह छाबड़ा पर जिला खनिज न्यास (District Mineral Foundation) फंड के तहत ठेके दिलाने के बदले करीब पांच करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत लेने का आरोप है। मामले में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच जारी है।

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