फिल्म के मंच से हटाए जाने की खबर सामने आते ही सिख समाज में इसकी चर्चा (Diljit Dosanjh) तेज हो गई। कई जगहों पर लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए और सामाजिक संगठनों के बीच भी इस फैसले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मामला बढ़ने के साथ अब यह केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रह गया है।
राजधानी से लेकर कई अन्य शहरों तक इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। फिल्म हटाए जाने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए सिख संगठनों ने इसे गंभीर विषय बताया है और अब इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
फिल्म हटाने पर जताई कड़ी आपत्ति Diljit Dosanjh
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने फिल्म को मंच से हटाए जाने की आलोचना की है। कमेटी का कहना है कि यह कदम मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी को लोगों तक पहुंचने से रोकने जैसा है।
कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जसवंत सिंह खालरा ने पंजाब के कठिन दौर में हजारों अज्ञात शवों के कथित अवैध अंतिम संस्कार से जुड़े दस्तावेज सामने लाकर इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया था। उनका कहना है कि ऐसी ऐतिहासिक घटना पर आधारित कहानी को लोगों से दूर रखना उचित नहीं है।
देशभर में दिखाई जाएगी फिल्म
सिख समुदाय की भावनाओं को देखते हुए कमेटी ने गुरुद्वारों से जुड़े सदस्यों से फिल्म डाउनलोड कर अपने अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक प्रदर्शन करने की अपील की है। इसके साथ ही युवाओं को इस विषय की जानकारी देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सेमिनार आयोजित करने की भी योजना बनाई गई है।
क्या दिखाती है यह फिल्म
निर्देशक हनी त्रेहान की इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार (Diljit Dosanjh) निभाया है। कहानी एक बैंक कर्मचारी से मानवाधिकार कार्यकर्ता बने खालरा के जीवन पर आधारित है। इसमें पंजाब के अशांत दौर के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और गुप्त रूप से शवों के अंतिम संस्कार के आरोपों से जुड़े घटनाक्रम को दिखाया गया है।
वर्ष 1995 में जसवंत सिंह खालरा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में अदालत ने इस मामले में पंजाब पुलिस के चार कर्मियों को अपहरण, प्रताड़ना और हत्या का दोषी माना था, हालांकि उनका शव कभी नहीं मिला।
शुरुआत से विवादों में रही फिल्म
यह फिल्म पहले पंजाब 95 नाम से बनाई गई थी। प्रदर्शन की अनुमति मिलने से पहले इसे लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस दौरान कई बदलावों की मांग भी की गई थी।
हाल ही में फिल्म को बिना किसी प्रचार के नए नाम सतलुज के साथ मंच पर जारी किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही इसे हटा लिया गया। बताया गया कि कुछ जरूरी बदलावों के कारण ऐसा किया (Diljit Dosanjh) गया है। वहीं कुछ रिपोर्टों में सूचना प्रौद्योगिकी नियमों से जुड़े कारणों का भी उल्लेख किया गया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह और सुविंदर विक्की ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
