Dhoni Court Order : कोर्ट में उठा अनुवाद का सवाल, धोनी को जमा करने पड़े दस लाख रुपये
Dhoni Court Order
चेन्नई में Madras High Court ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को सेवानिवृत्त (Dhoni Court Order) आईपीएस अधिकारी संपत कुमार के खिलाफ दायर मानहानि मामले से जुड़ी सामग्री के अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह राशि अदालत के आधिकारिक दुभाषिये द्वारा सीडी में दर्ज सामग्री को लिखित रूप देने और उसका अनुवाद करने के लिए तय की गई है।
यह मामला 2013 के आईपीएल सट्टेबा घोटाले से जुड़ा है, जिसमें कथित रूप से नाम जोड़े जाने पर धौनी ने संपत कुमार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया था। धौनी का आरोप है कि इन दावों से उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा।
मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति आरएन मंजुला ने 11 फरवरी को पारित अंतरिम आदेश में कहा कि अदालत के दुभाषिये ने पहले ही सीडी में मौजूद सामग्री को लिखित रूप में उतारने और अनुवाद का कार्य (Dhoni Court Order) शुरू कर दिया है। कोर्ट ने इस प्रक्रिया को मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने धौनी को आदेश दिया कि वे 12 मार्च तक यह राशि मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रिलीफ फंड के खाते में जमा कराएं। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी तय की गई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे दस्तावेजों के अनुवाद का खर्च वादी को ही वहन करना होता है, लेकिन इस मामले में विशेष परिस्थितियों के कारण आधिकारिक दुभाषिये की आवश्यकता पड़ी।
हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सीडी में मौजूद सामग्री का अनुवाद किस भाषा से किस भाषा (Dhoni Court Order) में किया जा रहा है। बावजूद इसके, अदालत का यह निर्देश बताता है कि यह मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीकी और कानूनी बारीकियों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
