Dhan kharidi Issue : धान खरीदी, ऋण और वन अधिकार पट्टे पर विधानसभा में तीखी बहस, विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को धान खरीदी का मुद्दा जोर-शोर (Dhan kharidi Issue) से गूंजा। किसानों की ऋण स्थिति, धान खरीदी के आंकड़े और वन अधिकार पट्टों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस इतनी गर्म हो गई कि अंत में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि राज्य में कितने किसान ऋणी हैं और कितने किसान ऐसे हैं जिन पर किसी तरह का कर्ज नहीं है। इसके साथ ही वन अधिकार पट्टा धारकों की स्थिति और उन्हें मिल रही सुविधाओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। विपक्ष का कहना था कि जमीन का अधिकार मिलने के बावजूद कई वनवासी किसानों को अभी भी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी के आंकड़ों को लेकर सरकार (Dhan kharidi Issue) को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में धान खरीदी की वास्तविक स्थिति क्या है और कितने किसानों का धान खरीदा गया। उनका दावा था कि लाखों किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बहस के बीच यह भी मुद्दा सामने आया कि करीब 44 लाख किसानों का धान खरीदी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाया, जिससे कई किसानों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ा। विपक्ष ने इसे किसानों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी देने और व्यवस्था में सुधार की मांग की।
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच विपक्षी सदस्यों ने सरकार के जवाब को असंतोषजनक बताते (Dhan kharidi Issue) हुए विरोध दर्ज कराया। कुछ समय तक तीखी नोकझोंक चलती रही, जिसके बाद विपक्ष ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया।
धान खरीदी, किसान ऋण और वन अधिकार पट्टे जैसे मुद्दों पर हुई यह बहस राज्य की कृषि नीति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर गई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर और राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।



