रिटायरमेंट के बाद वन अधिकारी पर विभागीय जांच वैध : हाई कोर्ट
बिलासपुर : हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त सहायक वन संरक्षक की विभागीय जांच को खत्म करने की मांग वाली याचिका को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यद्यपि कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद भी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, लेकिन उन्हें आरोप-पत्र (चार्जशीट) रिटायरमेंट से पहले ही जारी कर दिया गया था, इसलिए जांच वैध है।
चूंकि चार्जशीट 2022 में जारी होकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, इसलिए केवल बाद में जांच आगे बढ़ने के आधार पर कार्रवाई को अवैध नहीं माना जा सकता। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने कोमल दास घृतश बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामले में यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता 31 अगस्त 2020 को सहायक वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके खिलाफ जनवरी 2017 से सितंबर 2019 के बीच कथित अनियमितताओं के लिए 26 सितंबर 2022 को चार्जशीट जारी की गई। याचिकाकर्ता ने 31 जनवरी 2023 को जवाब दिया, जिसके बाद 10 सितंबर 2025 को विभागीय जांच आगे बढ़ाने का आदेश जारी हुआ। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जांच कई साल बाद शुरू की गई।



