D.El.Ed Protest Raipur : आंधी में उड़ा टेंट, लेकिन नहीं टूटा जज्बा, नवा रायपुर में रातभर डटे रहे D.El.Ed अभ्यर्थी, आंदोलन हुआ और तेज

मौसम ने भले ही रौद्र रूप दिखाया हो, लेकिन नवा रायपुर के धरना स्थल पर बैठे D.El.Ed अभ्यर्थियों का हौसला पूरी रात अडिग नजर आया। (D.El.Ed Protest Raipur) तेज आंधी, बारिश और तूफान के बीच भी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, मानो यह सिर्फ धरना नहीं बल्कि संघर्ष की नई कहानी बन रही हो।
देर रात आए तेज तूफान ने राजधानी के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन तूता स्थित धरना स्थल पर हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो गए। तेज हवाओं ने वहां लगा टेंट चीर दिया, कई जरूरी सामान उड़ गए और अभ्यर्थियों को भीगते हुए रात गुजारनी पड़ी। इसके बावजूद किसी ने भी धरना स्थल छोड़ने का फैसला नहीं किया।
धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब 85 दिनों से लगातार आंदोलन (D.El.Ed Protest Raipur) कर रहे हैं। बीती रात करीब साढ़े तीन बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज तूफान ने उनके अस्थायी इंतजाम को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। टेंट फटने और सामान नष्ट होने से उन्हें करीब ढाई से तीन लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है।
अब हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों अभ्यर्थी एक छोटे से अस्थायी शेड के नीचे ही अपनी लड़ाई जारी रखने को मजबूर हैं। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उनके पास अब जरूरी सामान तक नहीं बचा, लेकिन वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता (D.El.Ed Protest Raipur) है। उन्होंने सरकार से 2300 पदों पर जल्द नियुक्ति देने की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि वे सड़क पर उतरकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जब मांगें लंबित रहती हैं, तो हालात कितने विकट हो सकते हैं यहां तक कि प्राकृतिक आपदा भी आंदोलन की आग को शांत नहीं कर पाती।



