Cyber Fraud Deputy Collector : कलेक्टर की मदद लेकर डिप्टी कलेक्टर से 2.95 लाख की साइबर ठगी

Cyber Fraud Deputy Collector

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ग्वालियर में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी (Cyber Fraud Deputy Collector) मामला सामने आया है, जिसमें एक शातिर ठग ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी बताकर डिप्टी कलेक्टर अरविंद सिंह माहौर से 2.95 लाख रुपये ठग लिए।

ठग ने भरोसा बनाने के लिए मुरैना के तत्कालीन कलेक्टर अंकित अस्थाना को कॉल कर कहा कि डिप्टी कलेक्टर से बात करवाई जाए। कलेक्टर के कहने पर माहौर ने कॉल की और ठगी को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, अरविंद सिंह माहौर सितंबर महीने में मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में एसडीएम थे। उस दौरान एक महिला और उसकी बेटी ने उन पर अभद्रता का आरोप लगाया, जिसका वीडियो वायरल हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर माहौर को 19 सितंबर को निलंबित कर दिया गया। ठग ने इसी निलंबन और जांच प्रक्रिया का फायदा उठाया।

साइबर ठग (Cyber Fraud Deputy Collector) ने स्वयं को मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी ‘अश्वनी’ बताकर पहले डिप्टी कलेक्टर को कई बार कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं होने पर उसने मुरैना के तत्कालीन कलेक्टर को फोन कर कहा कि डिप्टी कलेक्टर से बात कराइए। कलेक्टर के कहने पर माहौर ने कॉल किया।

इसके बाद ठग ने जांच समाप्त कराने का झांसा देकर 19 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच पे-वॉलेट के जरिए पांच अलग-अलग खातों में कुल 2.95 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

जब ठग ने एक लाख रुपये और मांगे, तब माहौर को शक हुआ। शनिवार को निलंबन समाप्त होने के बाद उन्होंने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।

ग्वालियर की एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि ई-जीरो एफआईआर के तहत थाटीपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चेतावनी पेश करती है और दिखाती है कि कोई भी उच्च पदस्थ अधिकारी सुरक्षित नहीं है।