Cyber Fraud : महिला से 3.5 साल तक ठगी, 1 करोड़ से अधिक गंवाए
Cyber Fraud
चंडीगढ़ में साइबर ठगी (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है, जिसमें सेक्टर-61 की एक महिला को ठगों ने करीब साढ़े तीन साल तक अपना शिकार बनाया।
ठगों ने खुद को विदेशी निवेशक (Foreign Investor), बैंक अधिकारी (Bank Official) और सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि बताकर पीड़िता से 1.03 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। मामला मार्च 2022 से लगातार चल रहा था, जिसके बाद पीड़िता ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई।
ठगों का तरीका
पीड़िता के अनुसार, शुरू में ठगों ने उन्हें एक विदेशी नागरिक के रूप में संपर्क किया और विश्वास में लिया। इसके बाद प्राचीन वस्तुओं की खरीद-फरोख्त, निवेश और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन (International Transaction) के बहाने धीरे-धीरे रकम ऐंठी गई। ठगों ने बार-बार सीमा शुल्क (Custom Duty), आयात-निर्यात मंजूरी (Import-Export Approval), अंतरराष्ट्रीय भुगतान, बैंक सत्यापन और वितरण शुल्क जैसे बहाने बनाकर पैसे जमा करवाए।
जब पीड़िता ने पैसे स्थानांतरित किए, तो उसके बैंक खाते (Bank Account) को संदेहास्पद लेनदेन के कारण फ्रीज कर दिया गया। इसके बाद खाते को फिर से चालू कराने के नाम पर और रकम मांगी गई। मजबूरी में पीड़िता ने स्वजनों से मदद ली और अपनी संपत्ति तक गिरवी रखकर पैसे ठगों को दिए।
साइबर अपराध थाना की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत के बाद साइबर अपराध थाना (Cyber Crime Cell) ने मामला दर्ज किया। पुलिस अब लेनदेन, ई-मेल अकाउंट्स (Email Accounts) और डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) की गहन जांच कर रही है। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किस तरह से ठगों ने पीड़िता को लंबे समय तक धोखा दिया और रकम हड़पी।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठगी में अपराधी समय के साथ नए तरीके अपनाते हैं। इस मामले में भी ठगों ने डिजिटल माध्यमों और निवेश के बहाने पीड़िता का भरोसा जीतकर लगातार रकम ऐंठी।
सावधानी और चेतावनी
विशेषज्ञों ने लोगों से आग्रह किया है कि साइबर ठगी (Cyber Fraud Awareness) से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें, ऑनलाइन लेनदेन करते समय हमेशा आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध अनुरोध पर बैंक या संबंधित संस्था से पुष्टि करें।
