Custom Milling Scam Chhattisgarh : पूर्व IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर समेत चार को हाई कोर्ट से जमानत

Custom Milling Scam Chhattisgarh

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छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाले (Custom Milling Scam Chhattisgarh) के मामले में हाई कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत प्रदान की है। इस घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा की जा रही है, जिसमें आरोप है कि 140 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई।

घोटाले की पृष्ठभूमि

कस्टम मिलिंग घोटाले में राज्य के विभिन्न राइस मिलर्स और अधिकारियों ने मिलकर नागरिक आपूर्ति निगम और FCI में कस्टम मिलिंग के तहत जमा किए गए चावल का गलत इस्तेमाल किया। फरवरी 2025 में EOW ने सबसे पहले रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध वसूली के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाया गया।

अनवर ढेबर, जो 2022 से 2023 तक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली रहे, और पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के खिलाफ आयकर विभाग द्वारा किए गए छापों में डिजिटल साक्ष्य मिले थे। इस घोटाले में मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल थे।

हाई कोर्ट का आदेश

हाई कोर्ट ने जमानत देते समय कहा कि आरोपियों को जांच में सहयोग करना होगा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। इस जमानत से अब आरोपियों को गिरफ्तारी के डर से राहत मिली है, जबकि जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।

असर और अगले कदम

Custom Milling Scam Chhattisgarh के मामले ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। EOW की जांच अभी भी चल रही है और अन्य संदिग्ध अधिकारियों और मिलर्स पर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। इस घोटाले की गहनता और सार्वजनिक हित को देखते हुए, जांच के परिणाम आगामी महीनों में आने की उम्मीद है।