लंबे समय से लंबित एक भ्रष्टाचार मामले को लेकर अदालत का रुख और सख्त होता दिखाई (Corruption Case) दे रहा है। वर्षों से जांच पूरी नहीं होने पर अब न्यायिक प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि जांच में देरी को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।
मामले की सुनवाई के दौरान तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद अदालत ने अपने पहले दिए गए आदेश में बदलाव करते हुए जांच से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी से सीधे जवाब तलब करने का निर्देश दिया है।
अठारह साल पुरानी जांच पर सख्त टिप्पणी Corruption Case
उच्च न्यायालय ने वर्ष 2008 से लंबित भ्रष्टाचार मामले की जांच में हो रही लगातार देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने तकनीकी संशोधन करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक के स्थान पर एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस महानिरीक्षक को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार की संशोधन अर्जी स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई 2026 तय की है।
तकनीकी आधार पर बदला गया आदेश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा का प्रशासनिक ढांचा अलग है। इसी तकनीकी आधार पर पहले जारी आदेश में संशोधन करने का अनुरोध किया गया।
अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए 22 जून 2026 के आदेश में संशोधन किया और अब एसीबी तथा ईओडब्ल्यू के पुलिस महानिरीक्षक को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2008 से लंबित है मामला
यह मामला याचिकाकर्ता केपी देवांगन की ओर से दायर आपराधिक मुख्य याचिका से जुड़ा है। याचिका में लंबे समय से लंबित कानूनी प्रक्रिया और जांच में हो रही देरी को चुनौती दी गई है।
प्रकरण 24 दिसंबर 2008 को एसीबी रायपुर में दर्ज एफआईआर (Corruption Case) से संबंधित है। अदालत के सामने यह तथ्य रखा गया कि करीब 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है।
अगली सुनवाई दो जुलाई को
सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने और संशोधन आवेदन पर विचार करने का आग्रह किया।
अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए संशोधित आदेश जारी किया और अब मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई 2026 को होगी। इस दौरान एसीबी और ईओडब्ल्यू के पुलिस महानिरीक्षक को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।
