Coal India Online Coal Auction : कोल इंडिया लिमिटेड ने आसान किए नियम, नेपाल और बांग्लादेश को होगा सीधा लाभ
Coal India Online Coal Auction
सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने पड़ोसी देशों के लिए कोयला खरीद प्रक्रिया को आसान बनाते हुए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। कंपनी ने अपनी ऑनलाइन कोयला नीलामी प्रणाली को विदेशी खरीदारों के लिए खोल दिया है,
जिससे अब नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के उपभोक्ता सीधे नीलामी में भाग लेकर भारतीय कोयला खरीद सकेंगे। इस फैसले से अब इन देशों को भारतीय व्यापारियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे पारदर्शी तरीके से (Coal India Online Coal Auction) के माध्यम से कोयला हासिल कर सकेंगे।
कोल इंडिया का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य अतिरिक्त कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग करना, नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और क्षेत्रीय ऊर्जा जरूरतों को समय पर पूरा करना है।
अब तक इन देशों के खरीदार केवल भारतीय व्यापारियों के माध्यम से ही कोयला खरीद सकते थे, जो बिना किसी अंतिम उपयोग प्रतिबंध के कोयला खरीद-बिक्री करते थे। नई व्यवस्था से सीधे नीलामी में भाग लेने का अवसर मिलने पर इन देशों को लागत में कमी और समय की बचत का लाभ मिलेगा।
नेपाल और बांग्लादेश को सबसे अधिक फायदा
इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ नेपाल और बांग्लादेश को मिलने की संभावना है, क्योंकि इन दोनों देशों में भारतीय कोयले की खपत सबसे अधिक है। कोल इंडिया के अनुसार, देश में कोयला उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है, जबकि घरेलू बाजार में मांग में अपेक्षाकृत कमी आने के संकेत हैं। ऐसे में पड़ोसी देशों की बढ़ती मांग को देखते हुए (Coal India Online Coal Auction) को विदेशी खरीदारों के लिए खोलना एक व्यावहारिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
1 जनवरी 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
कोल इंडिया ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से यह नई व्यवस्था प्रभावी होगी। इसके तहत सिंगल विंडो मोड एग्नोस्टिक (SWMA) ई-नीलामी प्रणाली को विदेशी खरीदारों के लिए खोल दिया गया है। SWMA एक एकीकृत ई-नीलामी प्लेटफॉर्म है, जिसे वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न नीलामी विंडो को एक ही मंच पर लाकर कोयला खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और बाजारोन्मुख बनाना है।
कंपनी के बोर्ड ने हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है और योजना में आवश्यक संशोधन भी किए गए हैं। हालांकि, कोल इंडिया ने यह भी साफ किया है कि विदेशी आपूर्ति करते समय देश की घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भारतीय बाजार पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
विदेशी खरीदारों के लिए नई सुविधाएं
नई प्रणाली के तहत विदेशी खरीदार घरेलू खरीदारों के साथ ही बोली लगा सकेंगे। इसमें वन-टाइम रजिस्ट्रेशन, डिजिटल बिडिंग, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और नामित लॉजिस्टिक्स चैनलों के माध्यम से कोयला निर्यात की सुविधा शामिल की गई है। भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह से फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के अनुरूप होगी।
नेपाल के खरीदार भारतीय रुपये या अमेरिकी डॉलर, दोनों में भुगतान कर सकेंगे, जबकि बांग्लादेश और भूटान के खरीदारों के लिए अमेरिकी डॉलर में भुगतान अनिवार्य होगा, जिसकी वैल्यू रुपये के आधार पर तय की जाएगी। कोल इंडिया ने यह निर्णय लेने से पहले विदेशी खरीदारों के साथ व्यापक विमर्श किया था, ताकि (Coal India Online Coal Auction) को उनके लिए भी व्यावहारिक और सुगम बनाया जा सके।
ऊर्जा जरूरतों को मिलेगा सहारा
इस फैसले से नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों को सस्ता, सीधा और पारदर्शी कोयला उपलब्ध होगा, जिससे उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं कोल इंडिया के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
