CMO Suspended : कागज़ों में सब सही था, लेकिन जांच खुलते ही कई अफसरों पर गिरी निलंबन की गाज
CMO Suspended
बिलासपुर जिले के नगर पंचायत मल्हार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े एक ठेके में गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त कदम (CMO Suspended) उठाया है।
मंत्रालय स्तर से जारी आदेश में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, दो उप अभियंताओं और एक कैशियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 15वें वित्त आयोग मद के तहत किए गए कार्यों की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद की गई।
मामला नगर पंचायत मल्हार में मिनी टिप्पर क्रय से जुड़ा है, जहां निविदा प्रक्रिया के दौरान फर्मों की पात्रता जांच में भारी लापरवाही बरती गई। आरोप है कि जांच के दौरान तीन अपात्र फर्मों को पात्र घोषित किया गया, जबकि नियमों के अनुसार योग्य पाई गई तीन फर्मों को बाहर कर दिया गया।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी किरण पटेल, प्रभारी सीएमओ मल्हार मनीष ठाकुर, उप अभियंता के.एन. उपाध्याय, उप अभियंता जोयस तिग्गा और तत्कालीन कैशियर अर्जुन दास (CMO Suspended) शामिल हैं। सभी पर निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।
गंभीर कदाचार मानते हुए की गई कार्रवाई
प्रथम दृष्टया यह मामला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन का माना (CMO Suspended) गया है। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
