छत्तीसगढ़

Durg SSP Vijay Agrawal Initiative : पत्नी से पीड़ित पुरुष और संतानों से ठुकराए बुजुर्गों के लिए सहारा बनी एसएसपी विजय अग्रवाल की पहल, दुर्ग मॉडल की देशभर में चर्चा

आम तौर पर पुलिस का काम कानून-व्यवस्था का राज कायम करना (Durg SSP Vijay Agrawal Initiative) होता है। लेकिन, दुर्ग में हो रही अनुकरणीय पहल पूरे देश के लिये उदाहरण बन चुकी है। यहां बेहतर पुलिसिंग का नायाब चेहरा सामने आया है।

Durg SSP Vijay Agrawal Initiative
Durg SSP Vijay Agrawal Initiative

भिलाई के महिला थाना में हर रविवार को उन मजलूम, मजबूर और लाचार बुजुर्गों को न्याय दिलाने की कोशिश की जाती है, जिनकी संतानों ने अपने वृद्ध माता-पिता का ध्यान रखने की बजाय बेबस हाल में छोड़ दिया है। पुलिस की एक और बेंच महिला प्रताड़ना का शिकार होने वाले पुरुषों को न्याय दिलाने की पहल करती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की अनुकरणीय पहल से रविवार को सुबह से शाम तक काउंसिलिंग होती है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल अपराधियों के लिये बेहद सख्त और जन सामान्य के लिये उतने ही जेंटलमैन पुलिस अफसर माने जाते हैं। बुजुर्गों और पत्नी प्रताड़ना का शिकार होने वाले लोगों की शिकायतें लगातार मिलने पर पुलिस कप्तान ने दो अलग-अलग बेंच का गठन किया। यही बेंच पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिये काउंसिलिंग करती है।

परिवार परांमर्श केंद्र में मिलने वाली काउंसिलिंग के शानदार नतीजे सामने आने लगे हैं। ज्यादातर मामले काउंसिलिंग के जरिये आपसी सुलह और समझौते से निबटाए (Durg SSP Vijay Agrawal Initiative) जा रहे हैं। इस पहल का बड़ा फायदा यह हुआ है कि महिलाओं या पत्नी से प्रताड़ित होकर मानसिक, आर्थिक रूप से त्रस्त हो चुके पुरुषों को भी न्याय मिल रहा है। सबसे अहम बात ये है कि काउंसिलिंग के बाद कई लाचार बुजुर्गों को उनकी संतानों ने उसी आदर, सम्मान और स्नेह देना शुरू कर दिया है जिसके वे हकदार हैं।

Durg SSP Vijay Agrawal Initiative
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7 दिसंबर 2025 को महिला थाना पारिवारिक परामर्श केंद्र भिलाई में महिला या पत्नी से प्रताड़ित होने वाले पुरुषों के कुल 130 आवेदनों पर काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। अब तक 18 प्रकरण नस्तीबद्ध किये गए है। 40 प्रकरणों में समझौता हो चुका है। केवल 18 केस ऐसे हैं जिसमें संबंधित पक्ष को कोर्ट जाने की सलाह दी गई है। 54 प्रकरणों में काउसिलिंग जारी है।

इसी तरह बुजुर्ग नागरिकों की शिकायतों पर बेटी, बेटा-बहुओं को बुलाकर काउसिलिंग के बाद 35 शिकायतों में से 18 मामलों में समझौता कराने में कामयाबी मिली है। 8 प्रकरणों में कोर्ट की राय लेने की सलाह दी गई है। 9 मामले की काउसिलिंग जारी है।

Durg SSP Vijay Agrawal Initiative
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कई घंटे तक संवेदनशीलता और गंभीरता से होती है काउंसिलिंग

पुरुषों की शिकायत पर काउंसिलिंग की प्रक्रिया के लिये गठित बेंच में अमिता कुमार, अशोक जोशी, बसंत कुमार (Durg SSP Vijay Agrawal Initiative) शामिल हैं। बुजुर्गों को न्याय दिलाने के लिये अंजना श्रीवास्तव, शहाना कुरैशी और राकेश जोशी काउसिलिंग के लिये गठित बेंच में शामिल हैं। एक-एक केस की काउंसिलिंग के लिये कई-कई घंटे लग जाते हैं। एसएसपी विजय अग्रवाल की मंशा के अनुरूप बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से हरेक प्रकरण की बारीकी से सुनवाई होती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बेंच के सदस्य रायशुमारी करते हुए समझौते के लिये राजी करते हैं। यह काम बेहद चुनौती भरा होता है।

मायूस जिंदगी में लौटने लगी मुस्कुराहटें

अभी तक पुरुषों द्वारा महिलाओं के प्रताड़ित होने पर शिकायत के लिये महिला थाना, महिला आयोग जैसे प्लेटफार्म उपलब्ध (Durg SSP Vijay Agrawal Initiative) रहे हैं। लेकिन, महिला या पत्नी द्वारा पुरुषों को प्रताड़ित करने पर शिकायत की सुनवाई नहीं हो पाती थी। संतानों से प्रताड़ित बुजुर्ग माता पिता भी लाचारी में पुलिस थाना-कोर्ट के चक्कर काटने से बचते थे।

ऐसे बुजुर्गों के लिये वृद्धाश्रम में जीवन बिताना ही एकमात्र विकल्प होता था। लेकिन, एसएसएपी विजय अग्रवाल की इस पहल से महिला प्रताड़ना का शिकार होने वाले पुरुषों व बुजुर्ग माता-पिता को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप न्याय मिल रहा है। काउंसिलिंग के माध्यम से सुलझते केसों के कारण प्रताड़ित बुजुर्गों और पुरुषों के चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आई है। उन्हें जीवन में सुकून मिल रहा है।

Durg SSP Vijay Agrawal Initiative
Durg SSP Vijay Agrawal Initiative

महिलाओं से प्रताड़ना का शिकार होने वाले पुरुषों और संतानों की उपेक्षा का शिकार होने वाले बुजुर्गों की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इन शिकायतों का निराकरण करने महिला थाना में परिवार परामर्श केंद्र स्थापित किया गया है। सुनवाई के लिये दो अलग-अलग बेंच बनाई गई है। पूरी गंभीरता से बेंच में शामिल सदस्य प्रकरण की सुनवाई करते हैं। इसके बाद काउंसिलिंग के जरिये प्रकरण निबटाए जाते हैं। मामलों का न्यायपूर्ण समाधान होने से घरेलू हिंसा की घटनाएं कम हो रही है।

विजय अग्रवाल,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग

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