Chhattisgarhi Essay Book Launch : साहित्य नैतिक समृद्धि में सहायक होता है – प्रभात मिश्रा‘अउ का कहिबे’ निबंध संग्रह का हुआ विमोचन
Chhattisgarhi Essay Book Launch
छत्तीसगढ़ी निबंध संग्रह ‘अउ का कहिबे’ का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति में किया (Chhattisgarhi essay book launch) गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष Prabhat Mishra थे, जबकि अध्यक्षता डॉ. परदेशी राम वर्मा ने की। समारोह का आयोजन वैभव प्रकाशन और Press Club Raipur के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संयोजक डॉ. सुधीर शर्मा के स्वागत भाषण से हुई। मुख्य अतिथि प्रभात मिश्रा ने कहा कि गुलाल वर्मा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में अत्यंत सामयिक विषयों पर लेखन किया है। उनकी रचनाओं में छत्तीसगढ़ी मया और लोकजीवन की आत्मा झलकती है। उन्होंने कहा कि भौतिक समृद्धि और स्वाभाविक सुख-समृद्धि में अंतर है, जबकि साहित्य समाज को नैतिक रूप से समृद्ध बनाने में सहायक होता है।
छत्तीसगढ़ वनौषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ल ने कहा कि आज लेखन भी पेशेवर हो चुका है, लेकिन गुलाल वर्मा ने परंपरा और संस्कृति को केंद्र में रखकर लेखन किया है। उन्होंने समाज को आडंबरहीन और जिम्मेदार दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. परदेशी राम वर्मा ने कहा कि लेखक के व्यक्तित्व की सरलता उसकी रचना में दिखाई (Chhattisgarhi essay book launch) देती है। इस कृति में छत्तीसगढ़ के विविध परिदृश्य और लोकजीवन संवाद करते नजर आते हैं। विशिष्ट अतिथि बद्री प्रसाद पारकर ने पुस्तक में छत्तीसगढ़ के लोक और गद्य की मिठास की सराहना की।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने साहित्य और पत्रकारिता के संबंध को रेखांकित (Chhattisgarhi essay book launch) करते हुए कहा कि प्रेस क्लब में स्थापित ग्रंथालय शोधार्थियों और लेखकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने इस पुस्तक को छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
लेखक गुलाल वर्मा ने अपने लेखकीय अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी विजय मिश्रा अमित ने किया और आभार प्रदर्शन प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा ने किया। समारोह में स्वराज करूण, परमानंद वर्मा, प्रशांत शर्मा, निकष परमार, राजेश्वर खरे, चंद्रशेखर चकोर, दीनदयाल साहू, शशांक खरे, नितीश वर्मा सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
