Chhattisgarh Women Workers Scheme : महिला निर्माण श्रमिकों को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा: ई-रिक्शा अनुदान बढ़कर ₹1.5 लाख

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से हजारों महिलाओं के लिए खुले स्वरोजगार के नए रास्ते
छत्तीसगढ़ में महिला निर्माण श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण (Chhattisgarh Women Workers Scheme) कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रम विभाग ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को ₹1,00,000 से बढ़ाकर ₹1,50,000 कर दिया है। इस निर्णय से हजारों महिला श्रमिकों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे और उन्हें स्थायी आय का मजबूत आधार मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से मजबूत महिला ही परिवार और समाज की प्रगति की आधारशिला बनती है। अनुदान राशि में बढ़ोतरी से महिला श्रमिक अब आसानी से ई-रिक्शा खरीद सकेंगी और परिवहन सेवा के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकेंगी।
इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने का आत्मविश्वास भी मिलेगा। यह पहल महिलाओं को श्रमिक से उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
इस योजना का लाभ केवल मंडल में पंजीकृत पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मिलेगा, जिसके लिए उन्हें श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन (Chhattisgarh Women Workers Scheme) करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और पात्रता के सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे हितग्राही को प्रदान की जाएगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ शीघ्र पहुंचाने में सहायक होगी।
राज्य सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के स्थायी साधन उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक (Chhattisgarh Women Workers Scheme) रूप से स्वतंत्र बनाना है। ई-रिक्शा अनुदान में वृद्धि का यह निर्णय न केवल हजारों महिला श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि प्रदेश में महिला उद्यमिता को भी नई दिशा देगा।



