Chhattisgarh Shop Establishment Bill : छत्तीसगढ़ में श्रम सुधारों की नई दिशा, दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक पारित, महिलाओं की नाइट शिफ्ट और ओवरटाइम नियमों में बदलाव

Chhattisgarh Shop Establishment Bill

Chhattisgarh Shop Establishment Bill

छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक पारित होने के साथ राज्य में श्रम सुधारों का एक नया चरण शुरू (Chhattisgarh Shop Establishment Bill) हो गया। यह विधेयक खास तौर पर महिलाओं की नाइट शिफ्ट, ओवरटाइम की सीमा और दुकान पंजीयन प्रणाली में बदलाव से जुड़ा है, जिन्हें कई संस्थान लंबे समय से आवश्यक मान रहे थे। विधेयक पारित होने के बाद अब छोटे कारोबारियों और कर्मचारियों – दोनों के कार्य ढाँचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

नए प्रावधानों में सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं की नाइट शिफ्ट से जुड़ा है। अब महिला कर्मचारी अपनी सहमति और सुरक्षा प्रावधानों के साथ रात में भी काम कर सकेंगी, जिसके लिए सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य होगा। पहले महिलाओं के लिए रात 10 बजे तक काम करने की सीमा तय थी, लेकिन नए नियमों ने रोजगार विकल्पों को अधिक विस्तृत किया है। इससे निजी संस्थानों में नाइट शिफ्ट आधारित नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

ओवरटाइम के प्रावधान भी संशोधित किए गए हैं। अब कर्मचारी एक दिन में 9 घंटे की बजाय 10 घंटे की शिफ्ट कर सकेंगे। इसके साथ ही ओवरटाइम की सीमा बढ़ाकर एक तिमाही में 144 घंटे कर (Chhattisgarh Shop Establishment Bill) दी गई है, जबकि पहले यह सीमा 125 घंटे थी। श्रम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव कार्यस्थलों पर लचीलापन बढ़ाने के साथ कर्मचारियों को आय में अतिरिक्त अवसर भी प्रदान करेगा।

दुकान पंजीयन व्यवस्था – यानी गुमाश्ता – के ढाँचे में भी बदलाव किया गया है। अब 20 कर्मचारियों तक वाले संस्थानों को पंजीयन कराना अनिवार्य नहीं होगा, जबकि अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए नियम यथावत रहेंगे। इसके अलावा, जिला श्रम कार्यालय से मिलने वाला गुमाश्ता अब ट्रेड लाइसेंस के रूप में जारी किया जाएगा, जिससे कानूनी पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी। व्यापार जगत में इसे प्रशासनिक प्रक्रिया की जटिलता कम होने और कामकाज सुचारु होने के रूप में देखा जा रहा है।

श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की नाइट शिफ्ट से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों और निगरानी प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा। कर्मचारियों की सहमति, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना संस्थानों की जिम्मेदारी (Chhattisgarh Shop Establishment Bill) होगी। विभाग का कहना है कि इन संशोधनों से छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कारोबारी माहौल बेहतर होगा और श्रम संबंधी प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी बनेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि श्रम कानूनों में यह बदलाव भविष्य के कारोबारी परिदृश्य के अनुरूप हैं। आईटी, कस्टमर सर्विस, ई-कॉमर्स, हेल्थ केयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों को रात्रीकालीन शिफ्ट में काम करने की स्वीकृति मिलने से नई नियुक्तियाँ संभव होंगी। वहीं ओवरटाइम सीमा में वृद्धि और पंजीयन नियमों में ढील छोटे व्यवसायों को प्रशासनिक बोझ से राहत देगी।