छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Rice Diversity : छत्तीसगढ़ के धान से प्रभावित हुए उज्बेकिस्तान के वैज्ञानिक…IGKV रायपुर संग समझौता…

Chhattisgarh Rice Diversity : छत्तीसगढ़ के धान की जैव विविधता और उत्पादन तकनीक ने उज्बेकिस्तान के वैज्ञानिकों को बेहद प्रभावित किया है। इसी कारण उज्बेकिस्तान के डेनाऊ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर के बीच शिक्षा व अनुसंधान सहयोग हेतु समझौता (MoU) किया गया। (Chhattisgarh Rice Diversity)

समझौते का फोकस क्षेत्र

इस MoU के तहत दोनों संस्थान निम्न क्षेत्रों में संयुक्त शोध और शिक्षा सहयोग करेंगे:

कृषि उत्पादन तकनीक

पर्यावरण व जल संरक्षण

सगंध एवं औषधीय पौधे

खाद्य प्रसंस्करण

जैव प्रौद्योगिकी

https://navpradesh.com/chhattisgarh-mahatari-sadan/

उद्यमिता विकास

इससे IGKV के विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को अंतर्राष्ट्रीय (Chhattisgarh Rice Diversity)स्तर पर अध्ययन और शोध के अवसर मिलेंगे।

संगोष्ठी में हुआ MoU का आदान-प्रदान

मुख्य अतिथि : प्रो. ओयबेक आब्दीमुमीनोविच रोज़िव, रेक्टर – डेनाऊ इंस्टीट्यूट, उज्बेकिस्तान

अध्यक्षता : डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति – IGKV रायपुर

संबोधन : डॉ. आर.सी. अग्रवाल (पूर्व महानिदेशक, ICAR), डॉ. सीमा जग्गी और डॉ. रवि प्रकाश दानी

संगोष्ठी का विषय था – “कृषि में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा एवं अनुसंधान सहयोग”।

https://www.youtube.com/watch?v=Ev_jMr5I00E

उज्बेकिस्तान संस्थान की विशेषताएं

4 संकाय, 14 विभाग और 34 पाठ्यक्रम

लगभग 8,000 विद्यार्थी अध्ययनरत

7 देशों के साथ शोध सहयोग

प्रो. रोज़िव ने IGKV के विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को उज्बेकिस्तान आने का आमंत्रण(Chhattisgarh Rice Diversity) भी दिया।

Related Articles

Back to top button